
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक का नग्न वीडियो बनाकर एक महिला ने पांच लाख रुपये की डिमांड की। युवक ने बदनामी के डर से खेत गिरवी रखकर तीन लाख रुपये दिए, बावजूद इसके महिला ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और ब्लैकमेलिंग जारी रखी।
मामला क्या है?
- पीड़ित युवक पारख बंजारे बालोद जिले के निपानी गांव का रहने वाला है।
- वह एसपीएस कंपनी में गार्ड के रूप में कार्यरत था और सीएसपीडीसीएल कॉलोनी, भिलाई-3 में ड्यूटी करता था।
- वहीं पर उसने दो अन्य साथियों के साथ कंपनी द्वारा आवंटित मकान में किराए पर रहना शुरू किया।
महिला ने कैसे रची साजिश?
- मकान के पीछे रहने वाली तलाकशुदा महिला रंजनी यादव अक्सर युवक के कमरे में खाना पहुंचाती थी।
- धीरे-धीरे वह दोस्ती बढ़ाने लगी, फिर एक दिन उसने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर युवक को बेसुध कर दिया।
- इसी हालत में उसका नग्न वीडियो बना लिया और पहले तो इससे इनकार किया, फिर बाद में ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।
खेत गिरवी, पर ब्लैकमेलिंग जारी
- 15 मई 2025 को महिला ने युवक को धमकाया कि यदि 5 लाख रुपये नहीं दिए, तो वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगी।
- युवक ने यह बात परिजनों को बताई और अपने खेत की ऋण पुस्तिका गिरवी रखकर 3 लाख रुपये का इंतजाम किया।
- 27 जुलाई को अपने भाई के साथ महिला को पैसे सौंपे, लेकिन वह फिर भी वीडियो डिलीट नहीं कर रही थी और शेष 2 लाख की मांग पर अड़ी रही।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
- पीड़ित की शिकायत पर पुरानी भिलाई पुलिस ने रंजनी यादव के खिलाफ
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा- 308(2) (ब्लैकमेलिंग)
- 351(2) (डराकर धन की मांग) के तहत मामला दर्ज किया है।
- पुलिस ने महिला की पृष्ठभूमि और मोबाइल डेटा की जांच शुरू कर दी है।
- इस पूरे मामले में साइबर क्राइम सेल की भी मदद ली जा रही है।
क्या कहती है कानून व्यवस्था?
पुरानी भिलाई थाना प्रभारी ने बताया:
“यह गंभीर आपराधिक मामला है जिसमें महिला ने बेहोशी की हालत में वीडियो बनाकर आर्थिक और मानसिक शोषण किया है। सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
निष्कर्ष
यह मामला न केवल डिजिटल ब्लैकमेलिंग के खतरों को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि किशोर, युवा और अकेले रहने वाले कर्मचारियों को अपनी सामाजिक और डिजिटल सुरक्षा को लेकर अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है।
साथ ही यह घटना पुलिस और साइबर विभाग के लिए भी एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया और निजी डेटा का दुरुपयोग कैसे आम नागरिकों की मानसिक और आर्थिक स्थिति को तोड़ सकता है।



