
कोरबा न्यूज धमाका – जिले से मानसिक तनाव और किशोरावस्था की नाजुक भावनाओं को दर्शाती एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 11वीं कक्षा की छात्रा अदिति सोलंकी ने अपने ही घर में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि छात्रा को स्कूल जाने को लेकर परिजनों की डांट मिली थी, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठा लिया।
कौन थी अदिति?
- अदिति सोलंकी (16) जैन पब्लिक स्कूल, गोढ़ी में कक्षा 11वीं की छात्रा थी।
- उसके पिता अजय पाल सिंह ठेकेदार हैं और परिवार संयुक्त रूप से रहता है।
- परिवार में बालको कर्मी बड़े पिता सहित अन्य सदस्य भी रहते हैं।
घटना का विवरण
- 1 अगस्त की रात अदिति और परिजनों के बीच स्कूल न जाने को लेकर कहासुनी हुई थी।
- सुबह अदिति का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला।
- परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
परिजनों का पक्ष
- परिजनों का कहना है कि अदिति जिद्दी स्वभाव की थी और छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी।
- हाल ही में उसने किसी दुकान से उधार में कोल्ड ड्रिंक और चिप्स लिए थे, जिसे लेकर समझाया गया था।
- यह भी बताया गया कि अदिति को पढ़ाई को लेकर प्रोत्साहित किया जाता था, लेकिन वह स्कूल न जाने की जिद पर अड़ी थी।
पुलिस जांच में क्या?
- कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया:
“यह मामला घरेलू परिस्थितियों और किशोरी की मानसिक स्थिति से जुड़ा प्रतीत होता है।
प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल जांच के बाद **और अधिक जानकारी सामने आएगी।”
किशोरावस्था और मानसिक दबाव
यह घटना एक बार फिर इस बात की जबरदस्त याद दिलाती है कि किशोर उम्र के बच्चों के साथ संवाद की अहमियत कितनी होती है।
आज की पीढ़ी छोटी बातों पर भावनात्मक रूप से टूट जाती है, और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन या भावनात्मक समर्थन न मिले, तो वे चौंकाने वाले कदम उठा सकती हैं।
निष्कर्ष
अदिति की मौत न सिर्फ उसके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है।
यह ज़रूरी है कि पालक अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें, उन्हें सुनें, समझें और आवश्यक मानसिक सहयोग दें।



