छतीसगढ़कांकेर

 सोच रहे थे मां की मौत हार्ट अटैक से हुई… फिर वैसा ही हुआ बहू के साथ, तब हुआ खुलासा

कांकेर न्यूज़ धमाका – घर में मां की मौत के बाद सबको ये लग रहा था कि उनकी हार्ट अटैक (Heart Attack) से मौत हो गई है. घर में मातम छाया हुआ था, परिजन अंतिम संस्कार के लिए रवाना भी हो गए. लेकिन वहां पहुंचने से पहले घर में बहू को करेंट का जोरदार झटका लगा, जिसके बाद सब शॉक्ड हो गए और मां के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को बीच में हो रोक दिया.

पूरा मामला कांकेर जिले का है. शहर के भंडारीपारा में मां की करंट लगने से मौत (Death) हो गई, लेकिन परिजन हार्ट अटैक से मौत होना मानकर बिना पुलिस को सूचना (Police Report) दिये अंतिम संस्कार करने नदी की ओर ले गये. शव यात्रा नदी तक पहुंचा भी नहीं था कि बहू भी उसी जगह पर करंट (Electric Shock) की चपेट में आ गई. लेकिन आसपास उपस्थित परिजनों ने महिला को किसी तरह से अलग कर अस्पताल पहुंचाया. इस घटना की पूरे शहर में चर्चा हो रही है लेकिन पुलिस को सूचना नही दी गई है. दरअसल पिछले सप्ताहभर से पूरे जिले में लगातार झमाझम बारिश हो रही थी.

 भंडारीपारा निवासी गिरधर यादव की वृद्ध मां कुमारी यादव घर के बाहर में करंट की चपेट में आ गई. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. वृद्ध महिला को मृत हालत में देखकर सभी लोग यही समझने लगे कि हार्ट अटैक से मौत हुई होगी. जिसे थोड़ी देर बाद अंतिम संस्कार करने दूध नदी की ओर ले जाने लगे. तभी शवयात्रा में शामिल लोगों को घर से सूचना दी गई कि मृत महिला की बहू मिलौतीन यादव उसी जगह पर करंट (Electric Shock) की चपेट में आ गई है. जिसके बाद कुछ लोग वापस लौटे तब तक उसे अस्पताल पहुंचाया गया था. जबकि अन्य परिजन मृतक कुमारी यादव का नदी में अंतिम संस्कार कर वापस लौटे. परिजनों ने बताया कि करंट लगने से मौत होने की जानकारी उन्हें नहीं थी. नहीं तो पुलिस को सूचना देकर अंतिम संस्कार करते. दूसरी ओर करंट लगने से मौत होने को प्राकृतिक आपदा नहीं माना जाता. जिससे शासन की ओर से मिलने वाली चार लाख की आर्थिक सहायता से भी मृतका के परिजनों को वंचित होना पड़ेगा.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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