
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई गांव जिला मुख्यालय से कट चुके हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत कार्यों की समीक्षा की।
CM का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद तुरंत उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि—
- क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत हेतु आवश्यक सामग्री और राहत राशि का तत्काल वितरण किया जाए।
- प्रभावित गांवों में सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम हो।
- प्रभारी सचिव स्वयं जिलों का दौरा करें और राहत कार्यों की निगरानी करें।
साय ने कहा कि—
“मेरी प्राथमिकता है कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुंचे और किसी को कोई तकलीफ न हो। सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है और हम मिलकर बस्तर को जल्द ही इस आपदा से उबारेंगे।”
बाढ़ की भयावह स्थिति
- दंतेवाड़ा जिले के 100 से ज्यादा गांव मुख्यालय से कट गए हैं।
- 200 से अधिक मकान ढह गए, अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 2196 लोगों को 43 राहत शिविरों में सुरक्षित शिफ्ट किया गया।
- इंद्रावती, शंखनी और डंकनी नदियों के उफान ने यातायात ठप कर दिया, कई हाईवे और पुल बह गए।
- 50 करोड़ रुपए से अधिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
अलर्ट और राहत कार्य
मौसम विभाग ने बस्तर सहित 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन और एनडीआरएफ/नगर सेना की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
