नई दिल्ली

महिला को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजना पड़ा भारी, कोर्ट ने सुना दी मौत की सजा, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

दिल्ली न्यूज़ धमाका // हमें अक्सर सुनने को मिलता रहता है कि किसी सख्स ने किसी विशेष धर्म या समुदाय को लेकर सोशल मीडिया में कुछ गलत पोस्ट कर दिया है. लेकिन आपने यह नहीं सुना होगा कि एक मैसेज करने के लिए किसी सख्स को मौत की सजा सुनाई जाए. जी हां लेकिन एक ऐसा ही मामला पाकिस्तान से सामने आया है. जहां एक महिला को व्हाट्सऐप पर टिप्पणी करने पर मौत की सजा सुनाई है.

बता दें कि मामला 2020 का है, लेकिन कोर्ट में फैसला होने के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है. महिला पर व्हाट्सऐप पर पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था.

जानिए महिला को क्यों मिली फांसी की सजा
यह घटना पाकिस्तान की है जहां एक महिला को पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल करने पर कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी महिला का नाम अनिका अतीक है और उस पर तीन आरोप सिद्ध पाए गए हैं. महिला ने पैंगबर मोहम्मद साहब की अवमानना, इस्लाम का अपमान और साइबर कानूनों का उल्लंघन किया है. जिसके बाद रावलपिंडी कोर्ट ने महिला को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने शिकायतकर्ता फारूक हसनात की शिकायत पर यह फैसला सुनाया है. अनिका और फारूक पहले दोस्त हुआ करते थे, लेकिन किसी बात पर उनका झगड़ा हो गया था.

2020 के मामले में मिली सजा
महिला ने व्हाट्सऐप पर अपने दोस्त फारूक को गुस्से में पैंगबर मोहम्मद के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल कर मैसेज भेजे थे. फारूक ने महिला को मैसेज डिलीट करने और माफी मांगने को भी कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया. इसके बाद फारूक ने महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी. हालांकि शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था. बाद में यह मामला रावलपिंडी कोर्ट पहुंच गया और फिर कोर्ट ने महिला को मौत की सजा सुना दी.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!