मध्यप्रदेश

बीमारी के कारण सी.एम पद छोड़ सकते हैं उद्धव ठाकरे बी.जे.पी के इस दावे पर बेटे आदित्य ने दी प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र न्यूज़ धमाका // महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले करीब 45 दिनों से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है। बीते दिनों उनके गले का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इस बीच, बुधवार से महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र भी शुरू हुआ है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उद्धव सदन की कार्रवाई में हिस्सा लेंगे या नहीं। भाजपा ने इसी मुद्दे पर बड़ा बयान जारी किया है। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने कहा है कि उद्धव ठाकरे स्वस्थ नहीं हैं। इसलिए वे पत्नी रश्मि या बेटे आदित्य को मुख्यमंत्री बना सकते हैं। हालांकि बेटे आदित्य ने भाजपा के इस दावे को खारिज किया और कहा कि उनके पिता पूरी तरह ठीक हैं। वहीं एनसीपी ने भी भाजपा नेता के बयान पर नाराजगी जताई और कहा कि सीएम कौन होगा या कौन नहीं, यह भाजपा से पूछकर तय नहीं किया जाएगा।

एक इंटरव्यू में चंद्रकांत दादा पाटिल ने कहा, उद्धव ठाकरे कुछ भी कर सकते हैं। वो अपने किसी विश्वसनीय को सीएम की कुर्सी पर बैठा सकते हैं। वो किसी ओर के बजाए रश्मि या आदित्य को मौका दे सकते हैं। इस मामले में उद्धव ठाकरे कुछ भी कर सकते हैं। बता दें, महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (शिवसेना+एनसीपी+कांग्रेस) की सरकार है और भाजपा लगातार इस गठबंधन पर हमला कर रही है। बीते दिनों नारायण राणे ने कहा था कि नए साल के शुरू में महाराष्ट्र में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन होगा और भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।

बीमारी के कारण ममता बनर्जी से भी नहीं मिले थे उद्धव ठाकरे-बीते दिनों, विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र का दौरा किया था। तब भी उद्धव ठाकरे, ममता दीदी से नहीं मिले थे। तब आदित्य ठाकरे ने ममता का स्वागत किया था। ममता बनर्जी ने तब एनसीपी प्रमुख शरद पवार से भी मुलाकात की थी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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