
मैनपुर,न्यूज़ धमाका :- तहसील मुख्यालय मैनपुर स्थित शांतिनगर मुहल्लेवासी कीचड़ व बजबजा रही नालियों से परेशान हैं। शांतिनगर ग्राम पंचायत मैनपुर खुर्द, हरदीभाठा एवं मैनपुर कला तीन पंचायतों के बीच बसे होने के कारण समस्याओं का निर्धारण नहीं हो पाता और एक दूसरे पंचायत क्षेत्र होने का हवाला देते हुए यहां के विकास कार्यों पर अनदेखी किया जा रहा है। इस मुहल्ले में घरों से निकलने वाले गंदा पानी की समुचित निकासी नहीं हो पाती है जिसके कारण गली कीचड़ व बजबजाती नाली से अटा पड़ा है। इस पूरे मुहल्ले में रहने वाले ग्रामीण दुर्गंध व गंदगी से बेहद परेशान हैं, जिन्हे संक्रमित बिमारियों का खतरा भी बना रहता है।
मुहल्लेवासियों द्वारा ग्राम पंचायत मैनपुर , हरदीभाठा व मैनपुर कला के सरपंच को कई बार बोलने के बाउजूद अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं किया गया है। नाली से वार्ड की दूषित पानी का बहाव नहीं हो रहा है जिसके कारण सडक़ों व घरों से निकलने वाली गंदगी के साथ पानी दुर्गंध के साथ बजबजी रही है। इस दुर्गंध के कारण मुहल्लेवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुहल्लेवासियों ने बताया कि तीन पंचायत क्षेत्र के बीच होने के कारण यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। न नाली बन पायी है और न ही सीसी रोड का निर्माण किया गया है, जिसके कारण हम मुहल्लेवासियों को इसी बजबजाती गंदगी पर चलकर आना जाना करना पड़ रहा है। जिसमें अब पानी निकासी के लिए ढलान ना होने की वजह से नालियां जाम हो जाती हैं। इस समस्या की वजह से लोग गंदगी तथा दुर्गंध का सामना कर रहे हैं।
राशन कार्ड बनाने लगाया वसूली का आरोप
ग्राम पंचायत पांडुका में राशन कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे वसूलने का मामला आया है। यहां राशन कार्ड बनाने के नाम पर 1500 से 2000 रुपये लिए जाने की शिकायत मिली है। जबकि यह राशन कार्ड निश्शुल्क या 5 से 45 रुपये में बनाकर दिया जाना है। ग्राम पांडुका के टिकेश्वर यादव ने बताया कि उन्होंने 1500 रुपये राशन कार्ड बनाने के लिए दिए हैं। वहीं तारणी साहू 2000 रुपये, पोखराज, खिलेश्वर 3000 रुपये दिए थे, लेकिन 20 दिन बाद भी राशन कार्ड बनकर नहीं मिला। इसी प्रकार नावाडीह में करीब 10 हितग्राहियों ने 2000 रुपये व अन्य मुहल्ले में 1500-1500 हितग्राहियों से राशन कार्ड बनाने के नाम पर लिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई माह से राशन कार्ड बनाने के लिए चक्कर काट रहे हैं लेकिन जो लोग रुपये देते हैं उनका राशन कार्ड सिर्फ 8 दिन में ही बन जाता है। इस संबंध में गांव के पंच चमन देवांगन ने बताया कि जिन हितग्राहियों ने शिकायत किए हैं वे कार्ड बनवाने के लिए चक्कर लगाकर थक गए थे। जिसके बाद मुझे कार्ड बनवाने के लिए कहा गया। मैंने कार्ड बनवाकर दिया भी, लेकिन पैसे लेकर कार्ड बनवाने की बात गलत है।



