
गरियाबंद न्यूज़ धमाका – गरियाबंद में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के दक्षिण उदंती परिक्षेत्र से प्रकृति का एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के दक्षिण उदंती परिक्षेत्र से प्रकृति का एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है। जंगल में दो छोटे पक्षियों ने अपने घोंसले और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़े शिकारी पक्षी का डटकर सामना किया। इस दुर्लभ घटना का वीडियो अब वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
घोंसले के करीब पहुंचा शिकारी
जानकारी के अनुसार, एक क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल जंगल में पक्षियों के घोंसलों के आसपास मंडरा रहा था। खतरे को भांपते ही इंडियन पैराडाइज फ्लाईकैचर और व्हाइट-ब्रोड फैनटेल ने आक्रामक रुख अपनाया। दोनों पक्षियों ने बार-बार शिकारी के ऊपर उड़ान भरते हुए उसके सिर और पीठ पर चोंच से वार किए और उसे अपने क्षेत्र से दूर हटाने का प्रयास किया।
क्या होता है मॉबिंग व्यवहार?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की रणनीति को मॉबिंग कहा जाता है। यह पक्षियों का एक स्वाभाविक रक्षात्मक व्यवहार है। जिसमें छोटे पक्षी मिलकर किसी बड़े शिकारी को घेर लेते हैं और लगातार परेशान करते हैं। इसका उद्देश्य अपने घोंसलों, अंडों और बच्चों को संभावित खतरे से बचाना होता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि आकार में छोटे होने के बावजूद पक्षी अपनी सामूहिक शक्ति और साहस के बल पर बड़े शिकारी को भी चुनौती देने में सफल हो जाते हैं।
जंगल की जैव विविधता का जीवंत उदाहरण
दक्षिण उदंती परिक्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया यग दृश्य जंगलों की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन को दर्शाता है। यह साबित करता है कि वन केवल बड़े वन्यजीवों का ही नहीं, बल्कि असंख्य छोटे जावों और पक्षियों का भी सुरक्षित घर हैं। जिनका भूमिका पारिस्थितिकी तंत्र में बेहद महत्वपूर्ण है।
कैमरे में कैद किया दुर्लभ पल
इस पूरे घटनाक्रम को दक्षिण उदंती परिक्षेत्र में पदस्थ बीट गार्ड टेकेश्वर देवांगन ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया। वन विभाग के अनुसार यह वीडियो पक्षियों के व्यवहार को समझने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

प्रकृति का संदेश
विश्व पर्यावण दिवस पर सामने आया यह दृश्य एक बड़ा संदेश है कि कठिन परिस्थियों में साहस, एकता और दृढ़ संकल्प किसी भी चुनौती को मात दे सकते है। जंगल के इन नन्हे परिदों ने यह साबित कर दिया कि अपने परिवार और घर की रक्षा के लिए आकार नहीं, बल्कि हौसला मायने रखता है।



