
शहर में डेंगू के मरीजों का सरकारी आंकड़ा शुक्रवार को एक हजार पर पहुंच गया। इनमें 615 पुरुष और 385 महिलाएं हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शहर में फिलहाल डेंगू के सिर्फ 28 मरीज हैं। इनमें से 15 अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि निजी अस्पताल कुछ और कहानी कह रहे हैं। निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज डेंगू के लक्षणों के साथ भर्ती हैं।
दरअसल डेंगू की दो जांचे होती हैं। पहली रैपीड और दूसरी अलाइजा। रैपीड जांच का परिणाम पॉजीटिव (सकारात्मक) आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं मानता क्योंकि माना जाता है कि इस जांच में सिर्फ डेंगू की तरफ इशारा होता है पुष्टि नहीं। इंदौर के सिर्फ दो ही सरकारी अस्पतालों में अलाइजा जांच मुफ्त हो सकती है। निजी सेंटरों में इस जांच के लिए मोटी रकम चुकाना होती है। यही वजह है कि ज्यादातर संदिग्ध यह जांच ही नहीं करवाते।
शुक्रवार को मिले 21 मरीज
शुक्रवार को शहर में 21 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें 18 पुरुष और तीन महिलाएं हैं। अब तक 254 बच्चों में भी कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।
क्या है और कैसे होता है
डेंगू एक प्रकार के वायरस जिसे ‘डेन वायरस’ कहते हैं की वजह से होता है। एक बार शरीर में इस वायरस के प्रवेश करने के बाद डेंगू बुखार के लक्षण सामान्यतः पांच-छह दिन बाद दिखने लगते हैं। डेंगू बुखार का वायरस एडीज नाम के मच्छर के काटने से बीमार व्यक्ति के शरीर से स्वस्थ्य व्यक्ति में फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है।
एडीज मच्छर को टाइगर मच्छर भी कहते हैं
मादा एडीज मच्छर साफ पानी में अंडे देती है। अंडे से एक कीड़ा निकलता है, इसे लार्वा कहते हैं, लार्वा से प्यूपा बनता है एवं फिर मच्छर बन जाता है। लार्वा व प्यूपा अवस्था में ये पानी में रहते हैं और मच्छर पानी के बाहर। अंडे से मच्छर बनने में करीब एक सप्ताह का समय लगता है। मच्छर का जीवनकाल करीब तीन सप्ताह का होता है। एडीज मच्छर काले रंग का होता है, जिस पर सफेद धब्बे बने होते है। इसे टाइगर मच्छर भी कहा जाता है।
इस वजह से पैदा होते हैं मच्छर
घरों में सीमेंट और प्लास्टिक की टंकी, मटका, फूलदान पशुओं के पीने का पानी, टायर, टूटे-फूटे सामान आदि में पानी जमा रहता है। एडीज मच्छर इसी में पैदा होता है। अगर हम जिन जगहों पर पानी जमा है वहां देखेंगे तो हमें कुछ कीड़े नजर आते हैं। ये ही मच्छर बनते हैं। जरूरी है कि पानी जमा न होने दिया जाए। पानी के बर्तनों को इस तरह से ढंककर रखना चाहिए कि इनमें मच्छर प्रवेश नहीं कर सकें।
ये करें उपाय
-पेराथ्रम नाम की दवाई को केरोसिन में मिलाकर छिड़कने से मच्छर नष्ट होते हैं।
-पूरी बांह के कपड़े पहनें
-पूरा शरीर ढंककर रखें
-मच्छरदानी में सोएं
-घर में नीम की पत्ती का धुंआ घर में कर सकते हैं
-खिड़की-दरवाजों में जाली लगवाएं ताकि मच्छर घरों में प्रवेश न कर सकें
डेंगू के लक्षण -इस बीमारी में तेज बुखार आता है जो दो से सात दिन तक रह सकता है। बुखार के साथ-साथ यदि निम्नलिखित लक्षणों में से दो से ज्यादा लक्षण मिलें तो डेंगू हो सकता है
तेज सिरदर्द होना
-आंखों के आसपास दर्द होना
-मांसपेशियों में दर्द होना
-जोड़ों में दर्द
-शरीर पर चकत्ते बनना
-मसूड़ों से या आंतों से रक्तस्त्रात होना
-खून में प्लेटलेट्स कम होना



