
MP में एक विवाह ऐसा दुल्हन ने हाथ थामकर सात जन्म तक साथ निभाने का दिया वचन
देवास में अनूठा विवाह संपन्न हुआ। यहां दूल्हा दिव्यांग था तो दुल्हन नेत्रहीन।
दुल्हन के जोड़े में युवती सज-धज कर बैठी हैं, वहीं दूल्हा भी सूट पहकर उसके करीब बैठा है। दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे का हाथ थाम रखा है। पंडित जी मंत्रोउच्चारण कर उन्हें रम्में निभाने के लिए कह रहे हैं। सगे-संबंधी फूल बरसा रहे हैं। देखने में सब कुछ सामान्य विवाह की तरह लग रहा है, लेकिन यह अनोखा विवाह है, क्योंकि दुल्हन अपने हमसफर को देख नहीं सकती है, वहीं दूल्हा दिव्यांग हैं और चल नहीं सकता था। दूल्हे ने दुल्हन की आंखें बनकर हाथ थामा।
यह अनोखा विवाह सोमवार को मेंढकी रोड स्थित श्री गोविंद गोरक्षाधाम आश्रम में हुआ। दिव्यांग युवक अनिल गरोड़ा व नेत्रहीन युवती ममता सूर्यवंशी एक-दूसरे के जीवनसाथी बने। देवउठनी एकादशी पर श्री गोविंद गोरक्षा धाम व श्रीजी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सेवा समिति द्वारा निशुल्क वैवाहिक कार्यक्रम कराया गया।
संरक्षक दिलीप अग्रवाल व समिति सचिव घनश्याम मोदी ने बताया कि वर-वधू की ओर से आए स्वजन के लिए भोजन की निशुल्क व्यवस्था की। वर-वधू को संस्था ने उपहार स्वरूप गृहस्थी की सामग्री भेंट की। संस्था के सदस्यों ने कहा कि हमें दो दिव्यांगों का विवाह करने का सौभाग्य भगवान ने दिया है, जो एक पुण्य का कार्य है। वर अनिल रेवाबाग का निवासी है और प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है, जबकि वधू नंदानगर, देवास की निवासी है।
