
गढ़चिरौली न्यूज धमाका – महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कुख्यात नक्सली शंकर उर्फ अरुण येर्रा मिच्छा को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। शंकर कई मुठभेड़ों, हमलों और निर्दोष ग्रामीण की हत्या जैसी घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा है।
गढ़चिरौली पुलिस के अनुसार, शंकर पर नवंबर 2023 में निर्दोष ग्रामीण रामजी चिन्ना आत्राम की हत्या का आरोप है। साथ ही वह 2020 से 2024 के बीच हुई चार बड़ी मुठभेड़ों में भी शामिल था। महाराष्ट्र सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
माओवादी संगठन से जुड़ा रहा
मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का रहने वाला शंकर 2018 में माओवादी संगठन से जुड़ा था। पहले वह छत्तीसगढ़ के मद्देड दलम में सक्रिय रहा और बाद में गढ़चिरौली संभाग में विभिन्न दलमों में शामिल हुआ। पेरामिली दलम जैसे कुख्यात नक्सली दल में वह 2024 तक काम करता रहा।
संगठन छोड़कर छुपा था हैदराबाद में
2024 में पेरामिली दलम के विघटन के बाद शंकर ने संगठन छोड़ दिया और खेती-बाड़ी करने लगा। कुछ महीनों बाद वह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न इलाकों में जाकर छिप गया। पुलिस को उसकी लोकेशन की गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर 4 सितंबर 2025 को हैदराबाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कई धाराओं में मामला दर्ज
गढ़चिरौली लाने के बाद शंकर पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, हथियारबंद दंगा और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस अब उससे संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों की लोकेशन और नक्सली गतिविधियों की जानकारी हासिल कर रही है।
