कोरबाछत्तीसगढ

आउटसोर्सिंग कंपनियों में प्रभावित गांव के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग लेकर कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय का किया घेराव के दौरान जवानों के साथ झड़प

कोरबा,न्यूज़ धमाका :- खदानों में नियोजित आउटसोर्सिंग कंपनियों में प्रभावित गांव के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग लेकर कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। लगभग दो घंटे तक चले आंदोलन के दौरान कार्यालय में आवाजाही प्रभावित रही। इससे सीआइएसएफ व पुलिस के साथ आंदोलनकारियों की झूमाझटकी भी हुई। बाद में प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि 25 मई के पहले समस्या का समाधान किया जाएगा।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कुसमुंडा खदान में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कई कंपनियां कार्य कर रही है। इन कंपनियों में खदान प्रभावित लोगों को रोजगार की मांग लंबे अरसे से की जा रही है, पर ठेका कंपनी व एसईसीएल प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है।

इससे नाराज होकर किसान सभा की अगुवाई में बेरोजगारों ने कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर दिया। इससे कार्यालय में आवाजाही बंद रही। सुरक्षा के तौर पर तैनात सीआइएसएफ व पुलिस के जवानों ने समझाइश देने का प्रयास किया एवं रास्ता छोड़ कर आंदोलन करने कहा। इस पर विवाद की स्थिति निर्मित हुई और आंदोलनकारियों के साथ झूमाझटकी भी हुई।

लगभग दो घंटे बाद में प्रबंधन की ओर से क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक शरद मलिक स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ चर्चा की। चर्चा के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि समस्या का निदान नहीं होने पर 25 मई को खदान बंद कराया जाएगा। इस पर प्रबंधन ने कहा कि बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही समस्या का निदान कर लिया जाएगा। इसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया।

किसान सभा के प्रदर्शन को समर्थन करते हुए रोजगार एकता संघ के कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल हुए। इस मौके पर दिलहरण बिंझवार,पुरषोत्तम कंवर, संजय यादव, देवेंद्र कुमार, शिवरतन, मोहपाल, अनिल बिंझवार, हेमलाल, बेदराम, बृजमोहन के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित गांव के बेरोजगार उपस्थित रहे।

मांग पूर्ण न होने पर 25 को करेंगे खदान बंद

छत्तीसगढ़ किसान सभा के सचिव प्रशांत झा ने कहा कि भू-विस्थापित किसान जमीन खदान में जाने के बाद रोजगार के लिए भटक रहे है। प्रभावित गांव के बेरोजगारों को सभी आउट सोर्सिंग कंपनियों में शत प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की मांग लगातार की जा रही है,

लेकिन प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी आपस में साठगांठ कर रोजगार देने में टालमटोल कर रही है। विस्थापन प्रभावित गांव के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रति प्रबंधन गंभीर नहीं है। इसलिए मुख्यालय का घेराव करना पड़ा और अब मांग पूर्ण न होने पर 25 मई को खदान बंदी आंदोलन की तैयारी भी की जा रही है।

रोजगार उपलब्ध कराने में की जा रही आनाकानी

किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक ने कहा कि एसईसीएल के किसी भी झूठे आश्वाशन में अब प्रभावित गांव के बेरोजगार आने वाले नहीं है अब केवल रोजगार चाहिए और प्रभावितों को रोजगार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। गांव के बेरोजगारों ने कहा कि सभी आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों को उपलब्ध कराने की मांग की रही है, पर इन कंपनियों द्वारा टालमटोल की नीति अपनाते हुए अंत में कोई रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है।

किसान सभा का कहना है कि प्रभावित गांव के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की नैतिक जिम्मेदारी एसईसीएल की है, लेकिन वह इसे पूरा करने से इंकार कर रही है। इसलिए मजबूरन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

स्टेट हेेड छत्तीसगढ साधना प्लस न्यूज ( टाटा प्ले 1138 पर ) , चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // जिला उपाध्यक्ष प्रेस क्लब कोंडागांव ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता //

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!