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धमतरी की राइस मिल में हादसा: बोरियां गिरने से चार मजदूर दबे, एक की मौत, परिजनों ने मुआवज़े की मांग की

धमतरी न्यूज धमाका – धमतरी जिले में एक राइस मिल में दर्दनाक हादसा हो गया। चावल की बोरियों के अचानक धसक जाने से चार मजदूर दबकर घायल हो गए, जिनमें से एक मजदूर की रविवार को मौत हो गई। हादसे को लेकर परिजनों और स्थानीय संगठनों ने 25 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है।


कैसे हुआ हादसा?

  • 26 जून की शाम, धमतरी के हरफतराई रोड स्थित दिनेश इंडस्ट्रीज राइस मिल में चावल की छलनी के दौरान सैकड़ों बोरियां अचानक धंसक गईं।
  • इसके नीचे चार मजदूर दब गए:
    • रोशन यादव
    • धनराज पटेल
    • रामेश्वर यादव
    • एक अन्य (पहचान गोपनीय)

इलाज और मौत की जानकारी

  • हादसे में गंभीर रूप से घायल रामेश्वर यादव (उर्फ मुनू, उम्र 55 वर्ष) की हालत लगातार नाजुक बनी रही।
  • उन्हें पहले रायपुर ले जाया गया, फिर धमतरी के निजी अस्पताल और अंत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
  • 27 जुलाई को अलसुबह 4 बजे उनकी मौत हो गई।
  • बाकी दो मजदूरों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
    • एक का रायपुर में इलाज जारी है,
    • दूसरा घर पर है, जिसकी कमर से नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया है।

जांच और पुलिस कार्रवाई

  • अर्जुनी थाना पुलिस ने मामले में पहले ही रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
  • अब मौत की पुष्टि के बाद धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
  • पुलिस मिल प्रबंधन की लापरवाही की जांच में जुटी हुई है।

एनएसयूआई की मांग – 25 लाख मुआवज़ा और सरकारी नौकरी

  • घटना की सूचना पर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन अपने कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे।
  • उन्होंने मृतक के परिजनों के लिए:
    • 25 लाख रुपये मुआवज़ा
    • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
    • और मिल संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

“रोज़गार के लिए मजदूर जान जोखिम में डालते हैं। अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि परिवार को न्याय मिले।” – राजा देवांगन, एनएसयूआई


प्रश्न उठ रहे हैं:

  • क्या मिल में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था?
  • बोरियां ऐसे कैसे गिर पड़ीं, और क्या यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है?
  • प्रशासन ने एक महीने में क्या जांच की?

निष्कर्ष:

धमतरी की यह घटना मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। अब देखना है कि राज्य सरकार, प्रशासन और न्याय व्यवस्था कितनी तत्परता से इस मामले में मुआवजा, नौकरी और कार्रवाई सुनिश्चित करती है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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