रांचीदेश

हाथियों के हमले से एक ही परिवार के 3 की मौत

रांची न्यूज़ धमाका /// हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कंडाबेर-इतीज गांव में हाथियों के हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी है। घटना सोमवार सुबह की है। बताया गया कि तीन-चार हाथियों का झुंड अहले सुबह गांव में आ धमका तो भगदड़ की स्थिति पैदा हो गयी। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। हाथियों ने किसान रामवृक्ष सिंह, उनकी पत्नी रोहिणी देवी, पुत्र मुकेश कुमार और सुंदरी कुमारी को सूंढ़ में लपेटकर पटका और इसके बाद पांवों से कुचल डाला। मां, पुत्र और पुत्री की तत्काल मौत हो गयी। परिवार के मुखिया रामवृक्ष सिंह बुरी तरह घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया गया है।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची है। हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल के डीएफओ रवींद्र नाथ मिश्रा ने घटना का संज्ञान लेते हुए बड़कागांव वनक्षेत्र पदाधिकारी छोटे लाल साह को निर्देश दिया है कि मारे गये लोगों के परिजनों को तत्काल मुआवजे का भुगतान करें।

हाथियों के उत्पात से कंडाबेर सहित आस-पास के एक दर्जन गांवों में भारी दहशत है। पिछले तीन महीनों के दौरान पूरे झारखंड में हाथियों ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। हजारीबाग जिले के दारू, बड़कागांव, कटकमसांडी, बरकट्ठा, चुरचू, गिरिडीह जिले के बिरनी, गांवा, पीरटांड़, पलामू जिले के चैनपुर, गुमला जिले के बसिया और बिशुनपुर, लातेहार जिले के बारियातू और बालूमाथ सहित राज्य के लगभग 70 प्रखंडों में हाथियों ने सबसे ज्यादा उत्पात मचाया है। उन्होंने सैकड़ों एकड़ फसलें रौंद डाली हैं और 100 से भी ज्यादा घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है हाथियों के उत्पात की सबसे बड़ी वजह उनकी प्राकृतिक रिहाईश में छेड़छाड़ और उनके सुनिश्चित मार्ग में बाधा उत्पन्न किया जाना है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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