छतीसगढ़बालोद

बहू ने की सास की हत्या: संतान न होने पर रोज मिलते थे ताने, कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट

बालोद न्यूज धमाका – जिले के बघमरा गांव में घरेलू कलह ने एक भयावह रूप ले लिया, जब एक महिला ने तानों से तंग आकर अपनी सास की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। घटना 10 जून की रात की है, जब गांव के लोगों ने पुलिस को घर में महिला की लाश पड़े होने की सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो मृत महिला की पहचान गीता देवांगन (उम्र लगभग 55 वर्ष) के रूप में हुई। शव खून से लथपथ हालत में बरामद हुआ। जांच के दौरान घर के अंदर किसी जबरदस्ती घुसने के संकेत नहीं मिले, जिसके बाद संदेह घर के सदस्यों पर गया।

पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने गीता की बहू खिलेश्वरी देवांगन को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि शादी के 8 साल बाद भी संतान न होने की वजह से सास उसे रोज ताने देती थी और बेटे की दूसरी शादी कराने का दबाव बनाती थी। तानों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर गुस्से में आकर बहू ने सास पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।

जांच और कार्रवाई:

  • मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
  • हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद
  • आरोपी बहू ने अपराध कबूल किया
  • न्यायिक रिमांड पर भेजी गई जेल

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

घरेलू कलह और मानसिक उत्पीड़न से जुड़ी ऐसी घटनाएं समाज के लिए खतरे की घंटी हैं। पारिवारिक समस्याओं का समाधान संवाद और समझदारी से निकाला जाना चाहिए, न कि हिंसा से। विशेष रूप से बांझपन जैसे संवेदनशील विषयों पर महिलाओं को दोषी ठहराना आज भी एक बड़ी सामाजिक समस्या बनी हुई है।

निष्कर्ष:

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज भी महिलाओं को मां बनने की ‘जिम्मेदारी’ के तराजू में तौला जाना चाहिए? मानसिक प्रताड़ना को भी गंभीरता से समझने की जरूरत है ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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