
100 सीटर कन्या आश्रमों को आवासीय कस्तूरबा में तीन दिन में समायोजित करने के आदेश से मचा हडकम्प, चिंतित रसोईया व पालक पहुचे जिला मुख्यालय
आज लगभग सुबह 11 बजे जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट दर्जनों लोग पहुचे जिनमें कन्या आश्रमों के रसोईया, व छात्राओं के पालकगण सामिल रहे। मामले की जानकारी लेने पर पालकों ने एक ज्ञापन पत्र दिखाते हुये हरिभूमि के सामने अपनी समस्याओ को रखा। पालकों व 100 सीटर कन्या आश्रमो में कार्यरत महिला रसोईयों ने बताया कि कलेक्टर कोण्डागांव की ओर से जारी हुये आदेष के अनुसार तीन दिन में जिले के चारों 100 सीटर कन्या आश्रम कोण्डागांव, माकडी फरसगां व केषकाल को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में समायोजित किया जायेगा। इसमें कार्यरत सभी स्टाफ को सेवाओं से प्रथक किया जायेगा। जिससे ये सभी अपने अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित है। इसी मौके पर कलेक्ट्रेट में मौजूद पूर्व मंत्री लता उसेण्डी को भी इन लोगां ने अपनी समस्यायें बतायी। जिस पर कलेक्टर से बात करने का आष्वासन सुश्री उसेण्डी ने दियां।

कलेक्टर ने किया सभी समस्याओं का समाधान – कलेक्टर ने सभी कलेक्ट्रेट की सभागार में बुंलाया और इत्मीनान से सभी की बातों को सुना। और बताया कि चिंता की बात नहीं है। 100 सीटर कन्या आश्रम में कार्यरत सभी रसोईयों को सप्ताहभर में दूसरे आश्रमों में नियुक्ति के लिये आदेष जारी किया जायेगा। कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की जबाव से भी रसोईयों से राहत की सांस ली। इसके साथ ही कलेक्टर ने पालकों की समस्याओं पर बताया कि 100 सीटर कन्या आश्रमों को राज्यस्तर पर कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में मर्ज किया जा रहा है। पर इसमें कार्यरत सभी षिक्षिकों को भी इन्ही बालिकाओं के अध्यापन के लिये भेजा जायेगा। कहीं भी कोई समस्या नहीं है। इतना ही नहीं 100 सीटर कन्या आश्रमों की छात्राओं के आवास के लिये समुचित व्यवस्था की जायेगी। जिसके लिये त्वरित व्यवस्थायें की जा रही है। इन छात्राओं की पढाई अब और गुणवत्ता के साथ किये जाने का प्रबंध किया जा रहा है।
सभी ने ली राहत की सांस – कलेक्टर से मिल कर सभी चिंताग्रस्त महिलाओं और पालकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि कुछ का कहना था कि अभी परीक्षा के समय स्थानपरिवर्तन करना ठीक नहीं होगा। पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पढाई कराने की आष्वासन सभी चिंता मुक्त नजर आयें।
