
छत्तीसगढ़ शासन के सूचना आयुक्त धानवेन्द्र जायसवाल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म का रिसर्च सेंटर चिखलपुटी कोण्डागााव में फार्म भ्रमण के लिए पहुंचे।
कोंडागांव न्यूज़ धमाका । यहां उन्होंने “मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म तथा रिसर्च सेंटर पर की जा रही उच्च लाभदायक बहुस्तरीय जैविक खेती उलाबखे के सफल माडल को देखा और समझा। उन्हें यह मॉडल बहुत पसंद भी आया। डॉ त्रिपाठी ने बताया कि बस्तर के छोटे छोटे किसान भी अपने घर के पीछे बनी बाड़ी में पहले से ही मौजूद पेड़ों पर काली मिर्च चढ़ाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।
काली मिर्च की खेती देख आयुक्त हुये प्रभावित – बस्तरिया किसान अब ऑस्ट्रेलियन टीक तथा काली मिर्च का बड़े पैमाने पर रोपण करते जा रहे हैं। साथ ही साथ इस वृक्षारोपण के बीच की खाली जगह में औषधीय पौधों की अंतर्वर्ती खेती भी की जा रही है। श्री जायसवाल विशेष रुप से डॉक्टर त्रिपाठी के सबसे ज्यादा चर्चित प्रयोग बस्तर में नैसर्गिक रूप से रूप से उगने वाले सैकड़ों साल वृक्षों पर चढ़ाई गई काली मिर्च की लताओं में लगे हुए काली मिर्च के गुच्छों से भरपूर , काली मिर्च तैयार फसल को देखकर बहुत प्रभावित हुए।
काली मिर्च की खेती बदल सकती है प्रदेष की तकदीर – डॉक्टर त्रिपाठी ने बताया कि यदि साल के इन करोड़ों पेड़ों पर काली मिर्च की बेल चढ़ाकर फसल पैदा कर उसे विदेशी बाजार में बेचा जाए तो यह व्यावहारिक योजना केवल बस्तर ही नहीं पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर बदल सकती है। डॉक्टर त्रिपाठी इस योजना को इस प्रदेश की गेम चेंजर योजना मानते हैं। यह अलग बात है कि तमाम राजनीतिक आग्रहों, पूर्वाग्रहों, अड्डंगेंबाजी ,अनिवार्य भ्रष्टाचार, ब्यूरोक्रेसी, भाई-भतीजावाद के अवरोधों को पार कर काली मिर्च की ये बेल सफलता के मुंडेर पर कब चढ़ पाएगी इसका जवाब तो खैर आने वाला समय ही दे पाएगा।
भेंट किया गया ककसाड का नवीन अंक – कार्यक्रम के अंतिम दौर में में मां दंतेश्वरी हर्बल समूह की ओर से अनुराग त्रिपाठी, जसमती नेताम ने अपनी संस्था के कुछ उत्पाद भेंट किए तथा जनजातीय सरोकारों की दिल्ली से प्रकाशित होने वाली राष्ट्रीय मासिक पत्रिका “ककसाड़” के संपादक डॉ राजाराम त्रिपाठी के द्वारा “ककसाड़” पत्रिका का नवीनतम अक्टूबर सूचना आयुक्त तथा अतिथियों को सादर भेंट किया गया।
रायपुर जा कर बतायेगें सभी विभागों को – कार्यक्रम के अंत में पुन फार्म पर आने का वादा करते हुए मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के किसानों से वादा भी कि वह राजधानी जाकर सरकार के संबंधित विभाग के नुमाइंदों को भी समूह के द्वारा यहां किए जा रहे अनूठे कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराएंगे। कार्यक्रम में मां दंतेश्वरी हर्बल समूह की ओर से जसमति नेताम, शंकर नाग, अनुराग त्रिपाठी, कृष्णा नेताम, कृष्ण कुमार पटेरिया, रमेश पंडा, बलई चक्रवर्ती, उमेश बघेल आदि उपस्थित रहे।

