मध्यप्रदेशभोपाल

भोपाल में जांच की शुरुआत सभी RTO को फायर सेफ्टी जांच के निर्देश बस में आग के बाद प्रदेशभर में सख्ती

10 सितम्बर 2026 //

भोपाल न्यूज़ धमाका – बस में आग की घटनाओं के बाद MP में यात्री बसों की फायर सेफ्टी जांच के निर्देश। भोपाल ISBT में RTO ने 18 बसें चेक कीं, 2 जब्त, 2 की फिटनेस निरस्त और 75 हजार रुपए जुर्माना वसूला।

बसों में आग लगने की घटनाओं के बाद परिवहन विभाग ने यात्री बसों की सुरक्षा को लेकर प्रदेशभर में सख्ती शुरू कर दी है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने सभी RTO, DTO, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को यात्री बसों में फायर सेफ्टी उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य अनिवार्य सुरक्षा इंतजामों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच भोपाल RTO ने गुरुवार देर रात से ही चेकिंग अभियान की शुरुआत कर दी। ISBT बस स्टैंड पर शाम 7 से रात 10 बजे तक चले अभियान में करीब 18 यात्री बसों की जांच की गई।

दरअसल, 5 सितंबर को ग्वालियर से भोपाल आ रही शारदा ट्रैवल्स की बस MP07P2099 में भीषण आग लग गई थी। बस में 27 यात्री सवार थे और यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई थी। घटना के बाद परिवहन विभाग ने यात्री बसों की फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की विशेष जांच के निर्देश जारी किए हैं।

भोपाल में 2 बसें जब्त, 2 की फिटनेस निरस्त

भोपाल RTO की टीम ने ISBT बस स्टैंड पर चेकिंग के दौरान परमिट और सुरक्षा मानकों की जांच की। कार्रवाई में MP07ZQ9386 को परमिट शर्तों के उल्लंघन के कारण जब्त किया गया। वहीं MP04PA2877 में ड्राइवर केबिन में अतिरिक्त सीटें लगी मिलने पर बस को भी जब्त किया गया।

चेकिंग के दौरान MP04PA2877 की फिटनेस ड्राइवर केबिन में अतिरिक्त सीटें लगे होने के कारण निरस्त की गई। इसके अलावा MP36P2377 में इमरजेंसी एग्जिट बंद मिलने पर उसकी फिटनेस भी निरस्त कर दी गई।

इसके अलावा चार यात्री बसों और एक अन्य वाहन के खिलाफ परमिट शर्तों के उल्लंघन और मोटरयान अधिनियम की अन्य धाराओं के तहत जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई में कुल 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।

फायर सेफ्टी से लेकर वायरिंग तक होगी जांच

डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान बसों में AIS-135 के तहत फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता जांची जाएगी। इंजन कंपार्टमेंट में फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम है या नहीं, यह भी देखा जाएगा।

टाइप-II बसों और स्कूल बसों में फायर अलार्म और फायर प्रोटेक्शन सिस्टम, निर्धारित संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर, उनकी वैधता, रिफिलिंग और काम करने की स्थिति की जांच होगी। बस की इलेक्ट्रिकल वायरिंग, बैटरी टर्मिनल, ईंधन पाइपलाइन और इंजन कंपार्टमेंट भी जांच के दायरे में रहेंगे।

इमरजेंसी एग्जिट, खिड़की और सेफ्टी हैमर भी देखेंगे

आग या अन्य आपात स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए इमरजेंसी एग्जिट, आपातकालीन खिड़कियां, सेफ्टी हैमर और निकासी मार्ग की जांच की जाएगी। बस बॉडी से जुड़े सुरक्षा मानकों में AIS-153 का पालन भी देखा जाएगा। CNG, LNG और इलेक्ट्रिक बसों में लगे अग्नि सुरक्षा सिस्टम की भी जांच होगी।

विभाग ज्वलनशील या प्रतिबंधित सामान के अवैध भंडारण और परिवहन पर भी कार्रवाई करेगा। स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, स्कूल बस, कर्मचारी परिवहन बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों को अभियान में शामिल किया गया है।

कमी मिली तो बस होगी ऑफ रोड

जांच में फायर सेफ्टी या अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के तहत कार्रवाई होगी। गंभीर कमियां मिलने पर बस को खामियां दूर होने तक ऑफ रोड किया जा सकता है। जरूरत के अनुसार फिटनेस पर कार्रवाई के साथ परमिट निलंबित या निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

RTO डॉ. जितेंद्र शर्मा ने कहा- सुरक्षा मानकों की जांच लगातार जारी रहेगी

भोपाल RTO डॉ. जितेंद्र शर्मा के अनुसार, यात्री बसों में फायर सेफ्टी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। ISBT में हुई कार्रवाई के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस और इमरजेंसी एग्जिट समेत सुरक्षा व्यवस्थाएं देखी गईं।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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