
07 सितम्बर 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपनी लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
छत्तीसगढ़ के टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपनी लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य के हज़ारों पात्रता धारी शिक्षकों ने मांग की है कि उनकी पदोन्नति सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एवं छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में उल्लेखित नियमों के आधार पर तुरंत की जाए। अपनी इस जायज मांग को लेकर शिक्षकों ने ने तुता मैदान में एक विशाल ‘टीईटी आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’ किया।
राज्य के कोने-कोने से आए टेट उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपील करते हुए कहा, शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में विषय-विशेषज्ञ और पात्रता प्राप्त शिक्षकों का होना अनिवार्य हैं। यदि छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत टीईटी अनिवार्य करते हुए पदोन्नति की जाती है, तो स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को विषय के अनुकूल योग्य, अनुभवी एवं पूर्णतः पात्रता प्राप्त शिक्षक मिल सकेंगे। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश का शैक्षणिक स्तर भी सुधरेगा। तथा प्रशासनिक कसावट आएगी।
बगैर टेट पदोन्नति नियमों का उल्लंघन
प्रांताध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने अपने आदेश में साफ किया है कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति दोनों में ही टीईटी की योग्यता अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में भी इसके प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद, विभाग द्वारा इस प्रक्रिया में हो रही देरी से योग्यताधारी शिक्षकों में भारी असंतोष और निराशा व्याप्त है। शिक्षकों का कहना है कि बिना टीईटी योग्यता वाले शिक्षकों को पदोन्नत करना नियमों का उल्लंघन होगा। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा, बिना किसी देरी के शैक्षणिक, व्यावसायिक और शिक्षक पात्रता नियमों का पालन करते हुए वरिष्ठता सूची जारी कर शीघ्र पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं।



