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नौकरियों में नहीं बनेगी वेटिंग- रिजर्व लिस्ट तृतीय- चतुर्थ श्रेणी भर्ती के लिए नए नियम : जितनी सीटें उतने ही कैंडिडेट

10 अगस्त 2026 //

रायपुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा स्पष्ट, लेकिन अभ्यर्थियों के लिए ज्यादा सख्त होगी।

छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा स्पष्ट, लेकिन अभ्यर्थियों के लिए ज्यादा सख्त होगी। आवेदन करते समय ही पद और विभाग की पसंद तय करनी होगी, बाद में इसे बदला नहीं जा सकेगा। कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा वाले पदों में रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थी अगले चरण में जाएंगे, लेकिन अंतिम चयन केवल रिक्त और घोषित पदों के बराबर ही होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अंतिम चयन के बाद कोई वेटिंग, परोक्ष या रिजर्व सूची नहीं बनेगी।

उल्लेखनीय है कि, सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल नियम, 2026 जारी कर दिए हैं। आदेश में परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया और अलग-अलग चरणों की समय सीमा तय की है। नई व्यवस्था में आवेदन से पहले अभ्यर्थी को कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर आधार प्रमाणीकरण के साथ प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवेदन के दौरान पद, विभाग और नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी के स्तर पर प्राथमिकता क्रम देना होगा। एक बार प्राथमिकता भरने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा। अभ्यर्थी का चयन उन्हीं पदों के लिए होगा, जिन्हें उसने अपनी प्राथमिकता सूची में रखा है।

नौकरी उतनी ही, जितने पद

अंतिम आबंटन सूची यानी सूची-ब में विज्ञापित रिक्तियों की संख्या के बराबर ही अभ्यर्थी होंगे। इसमें लिखित परीक्षा के अंक, अभ्यर्थी की पद प्राथमिकता और आरक्षण नियमों को आधार बनाया जाएगा। कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा वाले पदों में सूची-अ में शामिल उन्हीं अभ्यर्थियों को सूची-ब में जगह मिलेगी, जो दूसरे चरण में पात्र पाए जाएंगे। सूची-ब जारी होने के बाद कोई प्रतीक्षा सूची, परोक्ष सूची या रिजर्व सूची जारी नहीं होगी।

हर साल अगस्त में परीक्षा कैलेंडर

कर्मचारी चयन मंडल हर साल अगस्त में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की रिक्तियों का परीक्षा कैलेंडर जारी करेगा। राज्य सरकार की अनिवार्य शैक्षणिक, व्यावसायिक प्रवेश या पात्रता परीक्षाओं का संभावित कैलेंडर भी अगस्त में जारी किया जाएगा। भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए वर्ष 2026 में बनाए गए संबंधित कानून और कर्मचारी चयन मंडल के नियम लागू होंगे।

15 गुना तक पहुंचेंगे अगले चरण में

जिन पदों पर लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी, उनमें लिखित परीक्षा के आधार पर वर्गवार रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों की सूची-अ तैयार होगी। दूसरे चरण की कौशल या शारीरिक दक्षता परीक्षा केवल अर्हकारी यानी क्वालिफाइंग होगी। संबंधित विभाग को यह परीक्षा तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी। इस परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थी की अभ्यर्थिता स्वतः निरस्त मानी जाएगी। परीक्षा के बाद विभाग पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची मंडल को देगा। इसके आधार पर अंतिम परिणाम जारी होगा।

15 दिन में दस्तावेज नहीं तो चयन खत्म

अंतिम सूची में शामिल अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर आधार प्रमाणीकरण पूरा कर दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। ऐसा नहीं करने पर अभ्यर्थिता निरस्त हो जाएगी। इसके बाद विभाग दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेगा। दस्तावेजों में त्रुटि मिलने पर अभ्यर्थी को सूचना दी जाएगी और वह सात दिन के भीतर ऑनलाइन दावा-आपत्ति कर सकेगा। विभाग को इसका निराकरण 15 दिन के भीतर कारणयुक्त आदेश से करना होगा। सूची-ब मिलने के बाद विभाग को दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति पत्र की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करनी होगी।

नियुक्ति प्रक्रिया, समयसीमा एवं अभ्यर्थिता निरस्तीकरण के नियम

दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए 10 दिन की समयसीमा होगी। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी को 30 दिन के भीतर मूल दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करना होगा। समय पर उपस्थित नहीं होने पर नियुक्ति पत्र जारी होने के 30 दिन बाद पद रिक्त माना जाएगा। यदि अभ्यर्थी आबंटित पद के निर्धारित मापदंड पूरे नहीं करता पाया गया तो उसे नियुक्ति आदेश नहीं मिलेगा। उसे उसी परीक्षा में किसी दूसरे पद पर भी स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और उसकी अभ्यर्थिता समाप्त हो जाएगी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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