
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और चंगाई सभा पर सख्त कानून लाने के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बयान के बाद अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने विजय शर्मा के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि —
“भाजपा सरकार को सत्ता में आए दो साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कानून नहीं बना। सरकार सिर्फ अपनी नाकामियां छुपाने के लिए प्रोपोगेंडा चला रही है।”
बैज ने कहा कि भाजपा बार-बार घोषणाएं कर जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
एसपी परफॉर्मेंस अल्टीमेटम पर भी साधा निशाना
दीपक बैज ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा एसपी को दी गई चेतावनी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा —
“इनके अल्टीमेटम को सुन कौन रहा है? अगर किसी ने ध्यान दिया होता, तो ननकी राम कंवर को रायपुर धरने पर नहीं बैठना पड़ता। सरकार कार्रवाई की बात करती है, लेकिन कोरबा कलेक्टर को तो सराहा गया।”
नक्सली सरेंडर पर उठाए सवाल
हाल ही में भूपति समेत 60 नक्सलियों के सरेंडर के दावे पर भी बैज ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा —
“एक महीने पहले पकड़े गए लोगों को भी ‘सरेंडर’ बताकर प्रचार किया जा रहा है। यहां तक कि पंचर बनाने वाले को भी सरेंडर कराने की तैयारी थी। सरकार बताए कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों की पूरी डिटेल क्या है?”
बैज ने आगे कहा कि सरकार का “मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का दावा” अब खोखला साबित हो रहा है।
“कैंप के पास ब्लास्ट होते हैं, भाजपा कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं — फिर भी सरकार दावा कर रही है कि सब नियंत्रण में है। मार्च के बाद नया बहाना ढूंढने की तैयारी कर लें।”
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण कानून, कानून-व्यवस्था और नक्सल मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
एक ओर सरकार “सख्त कानून और निर्णायक कार्रवाई” की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे “राजनीतिक प्रचार और विफलता छुपाने की कोशिश” बता रही है।
