
दुर्ग न्यूज धमाका – दुर्ग जिले में लूटपाट की एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। चार बदमाशों ने एक युवक को चाकू दिखाकर मोबाइल और नगदी लूट ली। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन युवकों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।
घटना का विवरण
यह वारदात 20 जुलाई की रात ग्राम सुरडुंग स्कूल के पास घटी। पीड़ित किशन निर्मलकर, जो कोड़िया गांव (थाना नंदिनी, भिलाई) का निवासी है, अपने पिता को लेने हथखोज जा रहा था। रास्ते में जैसे ही वह सुरडुंग स्कूल के पास पहुंचा, बाइक सवार चार युवकों ने उसे घेर लिया।
बदमाशों ने किशन की बाइक को जबरदस्ती रुकवाया और चाकू की नोक पर उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे ₹2,500 लूट लिए। किशन ने डर के मारे तुरंत जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
CCTV फुटेज और मुखबिर की सूचना से मिले सुराग
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास के CCTV कैमरों की जांच शुरू की। साथ ही मुखबिर की सूचना और पीड़ित द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर चारों आरोपियों को तलाशा गया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन चार युवकों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- अरुण जोशी
- रोशन देवांगन
- आशीष जोशी
- एक नाबालिग आरोपी, जिसकी पहचान कानूनी कारणों से उजागर नहीं की गई है।
एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीयों की चिंता
लगातार हो रही लूट की घटनाओं से स्थानीय लोग डरे हुए हैं। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि:
- सुनसान इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए
- रात में सीसीटीवी निगरानी और पिकेटिंग को सख्त किया जाए
- युवाओं में बढ़ते आपराधिक झुकाव पर रोक के लिए सामाजिक पहल की जाए
निष्कर्ष
इस घटना से साफ है कि दुर्ग जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी और रोकथाम जरूरी है। दुर्ग पुलिस की इस कामयाबी से स्थानीय लोगों में थोड़ी राहत जरूर मिली है, मगर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अब दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत है।



