
बिलासपुर न्यूज धमाका – बिलासपुर में लग्जरी कारों से नेशनल हाइवे-130 को जाम करने और ट्रैफिक बाधित करने वाले 7 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए युवकों की गाड़ियों की जब्ती की कार्रवाई भी की है।
रील्स बनाने के लिए किया था हाईवे ब्लॉक
मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब कुछ युवकों ने नई कार की खरीद के बाद जश्न मनाने के लिए रतनपुर रोड स्थित नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। इन युवकों ने ड्रोन कैमरे से शूट कर सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाई, जिसमें देखा गया कि कारें खतरनाक ढंग से कट मारते हुए रफ्तार में दौड़ रही थीं। इस हरकत से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहले केवल 2000-2000 का चालान, बाद में कोर्ट ने लगाई फटकार
पुलिस ने शुरुआत में सिर्फ 2000-2000 रुपये का चालान काटकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। हालांकि, जब यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए हाईकोर्ट तक पहुंचा, तो अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु शामिल थे, ने पूछा कि गाड़ियों को जब्त क्यों नहीं किया गया, और मामले पर सरकार से शपथपत्र सहित जवाब मांगा।
पुलिस ने की गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बिलासपुर पुलिस हरकत में आई। वेदांत शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, यशवंत, दुर्गेश ठाकुर, विपिन वर्मा, अभिनव पांडेय सहित अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही लक्जरी गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है।
एडिशनल एसपी ट्रैफिक राम गोपाल करियारे ने बताया कि युवकों की हरकत से न केवल ट्रैफिक बाधित हुआ, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न हुआ। पुलिस अब मोटर व्हीकल एक्ट और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही कर रही है।
आख़िर क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर लाइमलाइट पाने की होड़, युवाओं को ऐसे अविवेकी और खतरनाक स्टंट करने के लिए प्रेरित कर रही है। पुलिस प्रशासन को ऐसे मामलों में केवल चालान पर सीमित न रहकर कठोर कानूनी कार्यवाही करने की ज़रूरत है।



