
भिलाई न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शुक्रवार सुबह तड़के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पदुमनगर, भिलाई-3 स्थित निवास पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सुबह करीब 5 बजे हुई, जिसमें 6 गाड़ियों में सवार होकर ईडी अधिकारी और सीआरपीएफ जवानों की टीम पहुंची।
बघेल ने ट्वीट कर जताया विरोध
ईडी की दबिश के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा:
“आज विधानसभा का अंतिम दिन है। मैं अदानी के खिलाफ मामला उठाने वाला था, इसलिए मेरे घर पर ईडी की टीम भेजी गई है।”
इस बयान से साफ है कि भूपेश बघेल इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मान रहे हैं।
बेटे के जन्मदिन पर कार्रवाई
दिलचस्प बात यह है कि आज ही भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का जन्मदिन भी है। ऐसे मौके पर हुई यह छापेमारी परिवार के लिए असामान्य तनाव का कारण बन गई।
पहले भी हो चुकी है ईडी की कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने भूपेश बघेल के खिलाफ कार्रवाई की हो।
- 10 मार्च 2025 को ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में उनके निवास पर तलाशी ली थी।
- इस दौरान चैतन्य बघेल के अलावा उनके कथित करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के ठिकानों पर भी छापे पड़े थे।
- कुल मिलाकर उस वक्त 13 स्थानों पर ईडी ने तलाशी अभियान चलाया था।
ईडी की चुप्पी, विपक्ष का हल्ला
जहां ईडी की ओर से इस ताज़ा कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, वहीं कांग्रेस समर्थक और विपक्षी दल इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह छापेमारी भी शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों को लेकर की गई है।
क्या है अदानी मुद्दा?
भूपेश बघेल का यह दावा कि वे विधानसभा के अंतिम दिन अदानी समूह से जुड़ा कोई बड़ा मुद्दा उठाने वाले थे, राजनीतिक रूप से गंभीर संकेत देता है। उन्होंने बिना नाम लिए यह आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए किया जा रहा है।
राजनीतिक गरमी और तेज़ होने की संभावना
इस घटनाक्रम से साफ है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में आने वाले दिनों में ED बनाम विपक्ष और केंद्र बनाम राज्य की बहस और तेज़ होगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विधानसभा में भूपेश बघेल क्या खुलासा करते हैं और ईडी इस कार्रवाई को लेकर कब कोई आधिकारिक बयान जारी करती है।
