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570 करोड़ का कोयला घोटाला: अब CBI करेगी जांच, हाई-प्रोफाइल चेहरों पर गिर सकती है गाज

रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने DSPE अधिनियम की धारा-6 के तहत CBI जांच को विधिवत मंजूरी दे दी है।

गृह विभाग की फ़ाइल क्रमांक F No. 4-10/Home-C/ के अनुसार, CID लीगल सेक्शन ने सभी जिलों के एसपी और रेंज IG को निर्देश जारी कर CBI को पूर्ण सहयोग देने को कहा है।


क्या है कोयला घोटाले का मामला?

इस घोटाले के केंद्र में है रायपुर का कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, जिसे इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है।
ईडी की जांच के अनुसार:

  • 2020 से 2022 के बीच
  • प्रत्येक टन कोयले पर ₹25 की अवैध वसूली
  • कुल घोटाले की रकम करीब ₹570 करोड़

सूर्यकांत तिवारी पहले से न्यायिक हिरासत में है, और उसका भाई नवनीत तिवारी, जो फरार था, को भी 14 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया है।


क्यों आई CBI जांच की जरूरत?

  • ईडी ने 14 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
  • ईडी का आरोप: राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
  • आरोप लगाया गया कि EOW और ACB राज्य सरकार के अधीन हैं, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल उठते हैं।

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इस मामले में संज्ञान लिया।


कौन-कौन अफसर रहे रडार पर?

तीन हाई-प्रोफाइल अफसर, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली:

  1. आईएएस समीर विश्नोई
  2. आईएएस रानू साहू
  3. तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि ये तीनों अधिकारी छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे और अन्य राज्यों में हाजिरी लगाएंगे।


आगे क्या?

CBI को अब:

  • राज्य सरकार से सभी दस्तावेज तत्काल सौंपे जाएंगे।
  • गवाहों, फाइनेंशियल ट्रेल, और राजनीतिक कनेक्शन की गहराई से जांच की जाएगी।
  • आने वाले हफ्तों में नई गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे संभव हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि CBI की जांच किस दिशा में जाती है और किन-किन चेहरों से पर्दा उठता है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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