
डोंगरगढ़ न्यूज धमाका – डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी ट्रस्ट के आगामी चुनाव से पहले सियासत तेज हो गई है। बीती रात ट्रस्ट की एक बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विवाद की जड़ में ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री की सदस्यता बहाली को लेकर उठी आपत्ति है। मामला कोर्ट के आदेश और ट्रस्ट समिति के निर्णयों के बीच टकराव का बन गया है।
कोर्ट के आदेश के बावजूद विरोध
पूर्व अध्यक्ष और मंत्री की सदस्यता पहले ट्रस्ट की सामान्य सभा द्वारा रद्द कर दी गई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने एसडीएम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाल ही में पंजीयक द्वारा दोनों की सदस्यता को बहाल करने का आदेश दिया गया, लेकिन जब वे यह आदेश लेकर ट्रस्ट के छिरपानी स्थित प्रधान कार्यालय पहुँचे, तो उनके आवेदन को लेने से कथित रूप से इनकार कर दिया गया।
बैठक में हंगामा, दोनों पक्षों में तनातनी
गुरुवार रात को बुलाई गई बैठक के दौरान दोनों पूर्व सदस्यों के पहुंचने पर ट्रस्ट कार्यालय में काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही। दोनों पक्षों के समर्थकों की मौजूदगी के चलते तनाव का माहौल बन गया। सूत्रों की मानें तो देर रात तक प्रधान कार्यालय में समर्थकों का जमावड़ा बना रहा।
मनोज अग्रवाल ने आरोपों को नकारा
मौजूदा ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कोर्ट के आदेश को स्वीकार करने की बात कही, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सदस्यता संबंधी विवाद का समाधान मौखिक सहमति से जल्द कर लिया जाएगा। उन्होंने इसे “ट्रस्ट को बदनाम करने की साजिश” बताया और कहा कि “चुनाव से पहले अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।”
चुनाव में भारी खर्च, बढ़ी राजनीतिक हलचल
स्थानीय सूत्रों की मानें तो ट्रस्ट चुनाव में भाग लेने वाले दोनों प्रमुख पैनल लाखों रुपये खर्च करते हैं। यही वजह है कि ट्रस्ट की राजनीति सिर्फ धार्मिक सीमाओं में नहीं, बल्कि शहर की मुख्य राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन चुकी है।
मामले की संवेदनशीलता और आगे की राह
डोंगरगढ़ की जनता के बीच इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा है। ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और आस्था के बीच संतुलन साधना अब नई चुनौती बन गई है। आगामी चुनाव में यह मुद्दा निश्चित ही प्रभाव डालेगा।
मुख्य बिंदु संक्षेप में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| स्थान | माँ बम्लेश्वरी ट्रस्ट, डोंगरगढ़ |
| विवाद | पूर्व अध्यक्ष और मंत्री की सदस्यता बहाली |
| कारण | कोर्ट के आदेश के बावजूद आवेदन स्वीकार न किया जाना |
| ट्रस्ट अध्यक्ष का पक्ष | आदेश लिया, विवाद का समाधान जल्द |
| हंगामा | बैठक के दौरान देर रात तक दोनों पक्ष आमने-सामने |
| पृष्ठभूमि | चुनाव से पहले ट्रस्ट में बढ़ा तनाव, सियासी हलचल तेज |



