
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के पेंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत मटियाडांड़ गांव में 12 वर्षीय नाबालिग के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध में महज 132 दिनों के भीतर न्यायालय ने फैसला सुनाकर एक मिसाल पेश की है।
घटना का विवरण:
18 फरवरी 2025 की रात मटियाडांड़ गांव में एक परिचित युवक सोनू चौधरी (28 वर्ष) पिता पहलवान चौधरी, एक परिवार के घर रुका हुआ था। रात्रि भोजन के बाद जब सभी लोग सो गए, तो आरोपी ने उसी कमरे में सो रहे नाबालिग बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया।
घटना के तुरंत बाद बालक ने रोते हुए अपने परिजनों को सारी बात बताई, जिसके बाद परिजनों ने डायल 112 को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट का फैसला:
विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को POCSO एक्ट 2012 की धारा 3-क सहपठित धारा 4(2) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त ₹1000 का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में 1 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
प्रशासनिक कार्रवाई व सहयोग:
- विशेष लोक अभियोजक कौशल सिंह ने सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की।
- पीड़ित बालक को उचित मुआवजा/क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए अदालत ने विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर को अनुशंसा भेजी है।
संक्षिप्त तथ्य:
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घटना की तारीख | 18 फरवरी 2025 |
| निर्णय की तारीख | 30 जून 2025 |
| आरोपी | सोनू चौधरी (28 वर्ष) |
| पीड़ित | 12 वर्षीय नाबालिग बालक |
| सजा | आजीवन कारावास + ₹1000 जुर्माना |
| अधिनियम | POCSO अधिनियम 2012 |
न्यायिक तेज़ी की मिसाल
इस केस में न्यायालय ने महज 132 दिनों में फैसला सुनाकर पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाया। यह अन्य मामलों के लिए भी एक प्रेरणास्पद उदाहरण है कि गंभीर अपराधों में न्याय प्रणाली किस प्रकार संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है।



