
बेमेतरा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में आयोजित सुशासन तिहार-2025 के दौरान जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) नरेन्द्र वर्मा द्वारा शिक्षकों से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत सही पाए जाने पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करते हुए उन्हें मूल पद व्याख्याता के रूप में शा.उ.मा.वि. बैजलपुर में वापस कार्यमुक्त कर दिया है।
क्या है मामला?
- सुशासन तिहार के दौरान कार्यालय में आवश्यक व्यवस्था के नाम पर नरेन्द्र वर्मा द्वारा शिक्षकों से राशि वसूली की गई।
- यह मामला शिक्षकों द्वारा मौखिक रूप से कलेक्टर को शिकायत के रूप में बताया गया।
- प्रारंभिक जांच में वर्मा द्वारा वसूली स्वीकार की गई, जिससे उनका दोष सिद्ध हुआ।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जारी किया निलंबन आदेश
- कलेक्टर ने शिकायत और स्वीकरोक्ति को आधार मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उप नियम-2 (क) के तहत वर्मा के कृत्य को कदाचरण मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया।
- आदेश के अनुसार, नरेन्द्र वर्मा को उनके पद से हटाकर मूल विद्यालय में भेजा गया है।
- जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, बेमेतरा का कार्यभार जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया है, जो आगामी आदेश तक इस दायित्व का निर्वहन करेंगे।
सरकारी छवि को नुकसान
प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि नरेन्द्र वर्मा का यह आचरण न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे शासन की जनहितकारी योजनाओं की छवि को भी ठेस पहुँची है।
निलंबन आदेश की प्रतियां भेजी गईं:
- संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर
- समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय, रायपुर
- संभागीय संयुक्त संचालक, दुर्ग
- जिला पंचायत, बेमेतरा
- वित शाखा व कोषालय, बेमेतरा
- जिला शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य, शा.उ.मा.वि. बैजलपुर
निष्कर्ष
सुशासन तिहार, जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करना होता है, उसी में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता सामने आना चिंताजनक है। यह घटना यह दर्शाती है कि प्रशासनिक सजगता और समय रहते की गई कार्रवाई से सिस्टम में जवाबदेही संभव है।
