
बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले में पहाड़ी कोरवा जनजाति के एक बुजुर्ग की आत्महत्या के बाद भू-माफियाओं पर शिकंजा कसता जा रहा है। आदिवासी की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसमें से तीन की गिरफ्तारी हाल ही में की गई है।
क्या है पूरा मामला?
बलरामपुर ज़िले के ग्राम भेस्की निवासी पहाड़ी कोरवा बुजुर्ग ने भू-माफियाओं और क्रशर संचालकों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में राजपुर थाना अंतर्गत चौकी बरियों में एफआईआर नंबर 90/2025 दर्ज की गई है। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ BNS की धारा 3(5) जैसी सख्त धाराएं भी लगाई हैं।
फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा
पीड़ित संतलाल पहाड़ी कोरवा ने शिकायत में बताया कि ग्राम भेस्की में उनके नाम पर 2.468 हेक्टेयर भूमि थी, जो संयुक्त खाते में दर्ज थी। शिवाराम, विनोद उर्फ मधु अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल समेत अन्य आरोपियों ने बिना सभी खातेदारों की सहमति और बिना कलेक्टर/एसडीएम की अनुमति के, रजिस्ट्रार की मिलीभगत से शिवाराम के नाम पर भूमि रजिस्ट्री करवा ली।
फर्जी नक्शा, चेक और गवाहों का खेल
- चौहद्दी नक्शा और B-1 रिकॉर्ड बनवाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
- 14 लाख रुपये का चेक देकर लेन-देन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
- रजिस्ट्री में गवाह बने महेन्द्र कुमार गुप्ता और उदय शर्मा, जो पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
- जमीन की रजिस्ट्री बिना सहमति और वैध सरकारी अनुमति के की गई, जो विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए प्रतिबंधित है।
तीन नए आरोपी भेजे गए जेल
जांच में सामने आया कि जमीन के एवज में पैसा प्रियंका ट्रेडर्स के ज़रिए RTGS द्वारा भेजा गया था। पैसा बाद में जोगी पेट्रोल पंप से नगद निकाला गया। पुलिस ने इस लेन-देन में संलिप्त अमित कुमार गुप्ता, महेंद्र अग्रवाल, और रजाउल हसन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा है।
अब तक गिरफ्तार आरोपी:
- शिवा राम नगेशिया
- उदय शर्मा
- कमला बाई
- अमित गुप्ता
- महेंद्र अग्रवाल
- रजाउल हसन
फरार आरोपी:
- विनोद उर्फ मधु अग्रवाल
- प्रवीण अग्रवाल
पुलिस ने इन फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर के निर्देश पर ASP विश्वदीपक त्रिपाठी और SDOP कुसमी की निगरानी में जांच जारी है।
