
भिलाई,न्यूज़ धमाका:-लगभग 63 वर्षों से देश की अधोसंरचना विकास के लिए इस्पात का उत्पादन करने वाले संयंत्रों के लिए, यह एक महत्वपूर्ण, गर्व और खुशी का दिन रहा। भिलाई इस्पात संयंत्र ने 200 मिलियन टन क्रूड स्टील उत्पादन कर ऐतिहासिक मील के पत्थर को पार किया। संयंत्र के पुराने स्टील मेल्टिंग शाप-1 (एसएमएस-1) जिसे हाल के वर्षों में चरणबद्घ तरीके से बंद कर दिया गया है, ने उत्पादित कुल 200 मिलियन टन क्रूड स्टील में से 12,18,03,072 टन का उत्पादन किया है।
संयंत्र की स्थापना के समय स्थापित एसएमएस-1 के पहले ओपन हर्थ फर्नेस को 12 अक्टूबर 1959 को प्रारंभ कर इस्पात के उत्पादन में लिया गया था। बाद में इसे ट्िवन हर्थ फर्नेस से बदल दिया गया। एसएमएस-1 ने अगस्त 1988 में 50 मिलियन टन संचयी क्रूड स्टील का उत्पादन, 11 अगस्त 1999 में 75 मिलियन टन संचयी उत्पादन और 26 दिसंबर 2009 को 100 मिलियन टन संचयी उत्पादन का आंकड़ा पार किया।
यहां उत्पादित क्रूड स्टील का उपयोग इंगट के उत्पादन के लिए किया जाता था इंगट का उपयोग आगे चलकर ब्लूमिंग और बिलेट मिल (बीबीएम) में बिलेट्स में रोल करने के लिए किया जाता था। 1980 के दशक में संयंत्र के चार मिलियन टन विस्तारीकरण के दौरान एसएमएस-2 कॉनकास्ट तकनीक के साथ अस्तित्व में आई थी। इस शॉप ने बीते सात मार्च तक 7,21,25,618 टन संचयी क्रूड स्टील का उत्पादन किया।
