
इंदौर,न्यूज़ धमाका :-कोरोना महामारी भले ही अभी चली गई हो, लेकिन इसकी दूसरी लहर ने देश में कई बच्चों को अनाथ कर दिया। इसकी त्रासदी वैसे तो देश के कई नगरों में लोगों ने भोगी, लेकिन इंदौर कोरोना का हाटस्पाट बना रहा। यही कारण है कि मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों में सर्वाधिक बच्चे इंदौर जिले के हैं। जिले में 51 बच्चे ऐसे रहे, जिनके सिर से कोराना ने मां की ममता और पिता का साया छीन लिया। मप्र में 423 बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोरोना से हुई है, जबकि इंदौर में 29 ऐसे बच्चे हैं।
इन बच्चों का चयन पीएम केयर फार चिल्ड्रन के लिए किया गया है।इन बच्चों के माता-पिता तो नहीं लौटाए जा सकते, लेकिन इन बच्चों की आर्थिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार ने ले ली है। अब इन बच्चों को केंद्र सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। ये रुपये बच्चों के खाते में भेजे जाएंगे। इंदौर में इसकी तैयारी कर ली गई है। बताया जाता है कि इस योजना में शामिल देशभर के बच्चों के खाते में मार्च के दूसरे सप्ताह में रुपये भेजे जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ बच्चों से वर्चुअली बात भी कर सकते हैं।



