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आतंकी हमले में उजाड़ा दीपक का घर : बुंदेली गांव में शोक की लहर, महज सालभर का है बेटा, परिजनों ने मांगी सरकारी मदद

01 अगस्त 2026 //

सक्ति न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत बुंदेली गांव के एक परिवार की खुशियां छीन लीं, मजदूरी के लिए कश्मीर गए दीपक रात्रे की आतंकियों की गोलीबारी में मौत हो गई

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत बुंदेली गांव के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मजदूरी के लिए कश्मीर गए दीपक रात्रे की आतंकियों की गोलीबारी में मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, एक साल का बेटा हुआ बेसहारा

दीपक रात्रे की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और एक साल का मासूम बेटा है। दीपक ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बेहतर रोज़गार की उम्मीद में वे कश्मीर गए थे, लेकिन आतंकियों के हमले का शिकार हो गए।

पहले पिता का निधन, अब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

दीपक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक भाई दिव्यांग है। ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी दीपक पर थी। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

गांव में पसरा मातम, सरकार से मदद की गुहार

घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। परिजनों ने राज्य और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है, ताकि परिवार का जीवन-यापन सम्मानपूर्वक हो सके।

आतंकी हमले से पूरे क्षेत्र में आक्रोश

दीपक रात्रे की मौत से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। ग्रामीणों ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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