
धमधा,,न्यूज़ धमाका :-प्रदेश में अभी भीषण गर्मी में मुख्य समस्या पानी की है। वहीं दूसरी ओर धमधा नगर में पानी की भरपूर मात्रा एक सुखद पहलू भी है। धमधा नगर में छह आगर, छह कोरी यानि 126 तालाब हुआ करता था। जो घटते-घटते 25-30 में सिमट कर रह गई है।
इन बाकी बचे तालाबों के संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ शासन, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने कमर कस ली है। पानी बचाने व तालाबों के संरक्षण के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिसके बाद धमधा में वर्तमान में पूरे 15 वार्डों में पानी की कहीं कोई समस्या नहीं है।
अतिक्रमणकारियों में भय : तालाबों के संरक्षण के लिए धमधा एसडीएम बृजेश सिंह क्षत्रिय एवं नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता राजीव गुप्ता की पहल पर पिछले दिनों धमधा के नक्शे से गायब हो चुके लगभग छह तालाबों को जो कि अब खेत का रूप ले चुके थे, उसको अतिक्रमण मुक्त कराया गया था।
जिसमें पुलिस बल और नगर प्रशासन के लोग मौजूद थे। धमधा में वर्तमान एसडीएम बृजेश सिंह क्षत्रिय के आने के बाद अतिक्रमणकारियों में भय व्याप्त है।
दूसरी पानी टंकी की मिली सौगात
धमधा में पहले पानी की टंकी थी, जो सन 1965 में निर्मित हुई थी। इन 35-37 सालो में धमधा की जनसंख्या तिगुनी हो गई है। जिसके बाद एक टंकी पर्याप्त नहीं था। तब क्षेत्रीय विधायक और मंत्री रविन्द्र चौबे ने धमधा को दूसरी पानी टंकी की सौगात दी। जो अब बनकर तैयार होने के बाद नगर को पानी की किल्लत से बचा रही है।
एक पानी टंकी में सात वार्ड और दूसरे पानी टंकी से वार्ड के लोगों को पानी की सप्लाई की जा रही है। जिसके बाद लोगों में इस बात को लेकर खुशी है कि भरी गर्मी में भी पानी की समस्या नहीं है। अब उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ता है।



