
ब्लूमबर्ग न्यूज़ सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया का निजीकरण हो गया है। टाटा संस ने घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के लिए बोली जीत ली है। इसी के साथ टाटा ग्रुप एयर इंडिया का नया मालिक होगा। इस बात की जानकारी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सामने आई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रियों के एक पैनल ने एयरलाइन के अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आने वाले दिनों में एक आधिकारिक ऐलान किया जानें की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार, टाटा के साथ सरकार का सौदा पक्का होने से विमानन कंपनी की 68 साल बाद ‘घर वापसी’ होगी। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक, टाटा समूह ने 1932 में अक्टूबर के महीने में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरुआत की थी। 1953 में इसे भारत सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया था।एक अंग्रेज न्यूज वेबसाइट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की बोली भारत सरकार के द्वारा तय किए गए रिजर्व प्राइस से लगभगब 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। टाटा समूह की ओर से लगाई गई बोली स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह द्वारा लगाई गई बोली से करीब 5 करोड़ रुपये ज्यादा है। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि सरकारी सूत्रों ने उन रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है, जिसमें रिजर्व प्राइस को 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये बताया गया है साल 2020 में जनवरी के महीने में एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से बेचने की प्रक्रिया में देरी हुई। भारत सरकार ने 2021 में अप्रैल के महीने में एक बार फिर योग्य कंपनियों से बोली लगाने को कहा था। 15 सितंबर बोली लगाने का आखिरी दिन था। साल 2020 में भी टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के अधिग्रहण को लेकर रुचि पत्र दिया था। दरअसल सरकार ने 2017 से ही एयर इंडिया की नीलामी के प्रयास शुरू कर दिए थे, लेकिन तब कंपनियों ने रुचि ही नहीं दिखाई थी। इसके बाद सरकार ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के नियमों में ढील दी। जिसके बाद कर्ज में डूबे एयर इंडिया को खरीदने में कुछ कंपनियों ने रुचि दिखाई।




