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धमतरी: खेत को नुकसान पहुंचाए जाने के विरोध में भाई-बहन का कलेक्ट्रेट के बाहर धरना, पुलिस ने उठाया

कलेक्ट्रेट के सामने भाई-बहन बैठे धरने पर : पांच एकड़ खेत को नुकसान पहुंचाने पर मांग रहे थे न्याय, पुलिस उठाकर ले गई थाने

धमतरी न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में उस समय सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई, जब बारिश के बीच एक भाई-बहन की जोड़ी अपने खेत को हुए नुकसान के विरोध में कलेक्टरेट के सामने धरने पर बैठ गई। ग्रामीण क्षेत्र से आए इन दोनों ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे उन्हें मजबूरी में धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।


जमीन विवाद और प्रशासनिक चुप्पी

पीड़िता ने जानकारी देते हुए बताया कि वह गंगरेल डुबान क्षेत्र से विस्थापित हैं और पुनर्वास के तहत उन्हें ग्राम पंचायत सलोनी में लगभग 5 एकड़ बंजर भूमि आवंटित की गई थी। उन्होंने वर्षों की मेहनत से उस जमीन को खेती योग्य बनाया और उसमें फसल लगाई।

हालांकि सोमवार को गांव के कुछ लोगों ने जबरन खेत में घुसकर फसल को बर्बाद कर दिया और दोबारा जुताई करनी पड़ी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।


धरने पर बैठने की मजबूरी

बारिश में भीगते हुए भाई-बहन ने प्रशासन के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज करवाईं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


पुलिस ने किया हस्तक्षेप

धरने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रुद्री पुलिस ने दोनों को वहां से हटाया और थाने ले जाकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि मामला कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील हो सकता था, इसलिए उन्हें एहतियातन उठाया गया।


प्रशासन से जवाब का इंतजार

वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों और समाजसेवियों का कहना है कि डुबान प्रभावितों को पहले ही पर्याप्त मुआवजा और अधिकार नहीं मिल पा रहे, ऊपर से ऐसे विवाद उनकी आर्थिक और मानसिक पीड़ा को और बढ़ा रहे हैं।


प्रमुख बिंदु:

  • गंगरेल डुबान क्षेत्र की पीड़िता द्वारा 5 एकड़ भूमि पर खेती की जा रही थी
  • गांव के कुछ लोगों द्वारा खेत को नुकसान पहुंचाया गया
  • कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना देने पर रुद्री पुलिस ने उठाकर थाने भेजा
  • पीड़ित परिवार न्याय और आर्थिक मुआवजे की कर रहा मांग
  • प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में असंतोष

समाजसेवी संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

इस घटना के बाद कई स्थानीय संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ग्रामीणों की बात नहीं सुनी गई, तो भविष्य में और भी धरना-प्रदर्शन हो सकते हैं।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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