
सूरजपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जमीन विवाद से उपजे एक जघन्य हत्याकांड में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक ही परिवार के 12 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2022 में हुए हिरदलराम राजवाड़े हत्याकांड से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
तीन साल की लंबी सुनवाई के बाद न्याय
सूरजपुर की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश सिंह चौहान की अदालत ने मंगलवार को यह सख्त निर्णय सुनाया। अदालत ने सभी 12 आरोपियों को हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और सामूहिक हमले के आरोपों में दोषी करार दिया।
- दोषियों में 5 महिलाएं शामिल हैं, जिनकी उम्र 24 से 65 वर्ष के बीच है।
- सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं, जिन्होंने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
क्या था मामला?
- दिनांक: 24 जून 2022
- स्थान: ग्राम सेमई, चंदौरा थाना क्षेत्र
- मृतक हिरदलराम राजवाड़े, बईगासाय लोहार से खरीदी गई जमीन का सीमांकन कराने गांव गया था।
- उसी दौरान परिवार के 12 सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला कर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृतक की खरीदी गई जमीन पर आरोपी पक्ष अवैध कब्जा किए हुए था, जिसे हटाने के प्रयास में यह हिंसक घटना घटित हुई।
अदालत की टिप्पणी
अदालत ने अपने फैसले में कहा:
“यह न केवल एक पूर्व नियोजित हत्या थी, बल्कि समाज की शांति, कानून और न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा भी। ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करती है।”
प्रभावशाली अभियोजन पक्ष
- अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार नाविक ने मजबूत साक्ष्य और तर्कों के साथ अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी की।
- गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और भौतिक सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को दोषी माना।
निष्कर्ष
यह फैसला छत्तीसगढ़ की न्यायिक व्यवस्था में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। भूमि विवादों से उपजते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे कठोर निर्णय आवश्यक हैं।
यह भी स्पष्ट होता है कि यदि कोई व्यक्ति न्यायिक प्रणाली में विश्वास रखता है, तो देर से ही सही – न्याय अवश्य मिलता है।


