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भिलाई इस्पात संयंत्र के 7 हजार करोड़ टन एक्सपांशन में एमएसएमई की भागीदारी होगी सुनिश्चित : महापात्रा

भिलाई न्यूज धमाका – भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के नए डायरेक्टर इंचार्ज चितरंजन महापात्रा ने कहा है कि संयंत्र के आगामी 7 हजार करोड़ टन के एक्सपांशन प्रोजेक्ट में स्थानीय एमएसएमई (MSME) उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह बात उन्होंने एमएसएमई जिला उद्योग संघ के प्रतिनिधिमंडल से हुई एक शिष्टाचार भेंट के दौरान कही।

स्थानीय एमएसएमई को मिलेगा प्राथमिकता का मौका

महापात्रा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को अधिक से अधिक अवसर देना है। उन्होंने बताया कि बीएसपी में आने वाले समय में तीन मिलियन टन का अतिरिक्त एक्सपांशन भी संभावित है, जिसमें भी एमएसएमई उद्योगों को शामिल किया जाएगा।

“जब यहां के उद्योग ISRO को पेंट सप्लाई कर रहे हैं और भारत के सबसे बड़े ब्रिज प्रोजेक्ट में फैब्रिकेशन कर रहे हैं, तो उन्हें बीएसपी में काम क्यों न मिले?”, – चितरंजन महापात्रा, डायरेक्टर इंचार्ज, बीएसपी

डेटा बेस तैयार करने का सुझाव

महापात्रा ने निर्देश दिया कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों का एक समग्र डाटाबेस तैयार किया जाए जिसमें उनकी विशेषज्ञता, तकनीकी क्षमताएं, मशीनरी, और पिछले तीन वर्षों के विकास का विवरण हो। इससे बीएसपी प्रबंधन को बेहतर समझ मिलेगी कि किस उद्योग को किस प्रकार का कार्य सौंपा जा सकता है।

मांगें व आश्वासन

बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि एमएसएमई उद्योगों को सिर्फ सीपीडी (Central Procurement Department) में ही नहीं बल्कि Contract Cell में भी कार्य करने का अवसर मिले। इस पर बीएसपी के सीजीएम एमएम के.सी. मिश्रा ने सहमति जताई और कहा कि प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2022 तक के लंबित ऑर्डरों को क्लोज करने की प्रक्रिया चल रही है।

संघ का समर्थन और सुझाव

एमएसएमई संघ के अध्यक्ष के.के. झा ने बीएसपी के रवैये की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई को राष्ट्र की “रीढ़ की हड्डी” माना गया है और उसी तरह भिलाई में भी इन्हें यथोचित सम्मान और अवसर मिलने चाहिए।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह खुराना ने बीएसपी के बड़े प्रोजेक्ट्स में एमएसएमई की प्राथमिकता सुनिश्चित करने की बात कही, वहीं महासचिव अंकित मेहता ने माल की गुणवत्ता सुधारने की आवश्यकता जताई।


उपस्थित गण

  • एमएसएमई प्रतिनिधिमंडल से:
    के.के. झा (अध्यक्ष), अरविंदर सिंह खुराना (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), अंकित मेहता (महासचिव), मयूर कुकरेजा (सचिव), विजय अग्रवाल (उपाध्यक्ष), देशराज यादव, रामकुमार बंसल, जी.के. जैन, आर.के. सिंह, अभिजीत शुक्ला
  • बीएसपी प्रबंधन से:
    ए.के. चक्रवर्ती (ईडी एमएम), के.सी. मिश्रा (सीजीएम एमएम), आयान मिश्रा (सीजीएम एमएम), दीपांकर राय (जीएम)

निष्कर्ष:
भिलाई इस्पात संयंत्र के नेतृत्व में यह नई पहल स्थानीय एमएसएमई उद्योगों के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति देगा।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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