
गरियाबंद न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बीती रात एक भीषण सड़क हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा फिंगेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरगी नाले के पास हुआ, जहां भूतेश्वरनाथ मंदिर दर्शन के लिए जा रही श्रद्धालुओं की कार अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी।
झपकी बना हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 2 बजे बिलाईगढ़-भटगांव से भूतेश्वरनाथ मंदिर के लिए निकली एक कार सरगी नाले के पुल पर पहुंची, तभी वाहन चला रहे पंकज दास मानिकपुरी (38) को झपकी लग गई। कार एक पत्थर से टकराकर पुल से नीचे नाले में जा गिरी। कार के गिरते ही इसके दरवाजे लॉक हो गए और सभी यात्री अंदर ही फंसे रह गए।
दो की मौत, तीन गंभीर
घटना में मौके पर ही पंकज दास मानिकपुरी, जो कि भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष थे, और लोकेश साहू (35), निवासी भटगांव, की मौत हो गई। बाकी तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुबह ग्रामीणों ने देखा वाहन, फिर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
नाले में गिरी कार को ग्रामीणों ने सुबह करीब 5 बजे देखा, जब वे शौच के लिए बाहर निकले। उनकी सूचना पर स्थानीय लोग एकत्र हुए और कार के दरवाजे तोड़कर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
रेलिंग नहीं होने से हादसा हुआ
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल में रेलिंग नहीं होने से हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। कई बार प्रशासन को चेताया गया, लेकिन पुल की मरम्मत या सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए।
NH-30 पर बड़ा हादसा टला: तेज रफ्तार ट्रेलर ने बस को मारी टक्कर, सभी यात्री सुरक्षित
छत्तीसगढ़ के कांकेर-केशकाल मार्ग पर सोमवार सुबह एक और हादसा होते-होते टल गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर केशकाल की ओर जा रही एक यात्री बस को पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सभी यात्री बाल-बाल बच गए।
ट्रेलर चालक मौके से फरार, फिर पकड़ा गया
टक्कर के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बस चालक की शिकायत पर चारामा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेलर और चालक को पकड़ लिया। घटना से गुस्साए लोगों ने ट्रेलर चालक की जमकर पिटाई भी कर दी। यह घटना केशकाल थाना क्षेत्र की है।
निष्कर्ष:
इन दोनों हादसों ने एक बार फिर से छत्तीसगढ़ की सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पुल में रेलिंग की कमी के कारण दो जिंदगियां चली गईं, वहीं दूसरी ओर लापरवाह ट्रेलर चालकों की वजह से दर्जनों यात्री संकट में आ सकते थे।