
रायपुर/कवर्धा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत आयोजित तीन दिवसीय आकांक्षा हाट मेले का भव्य शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। आयोजन स्थल पीजी कॉलेज ग्राउंड इनडोर स्टेडियम में आयोजित इस मेले में स्थानीय स्व-सहायता समूहों के उत्पादों, ग्रामीण संस्कृति और शासकीय योजनाओं की भागीदारी देखने को मिली।
कवर्धा को कांस्य पदक, प्रशासन की मेहनत को मान्यता
विजय शर्मा ने संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला प्रशासन और फील्ड वर्करों की सराहना करते हुए कहा कि कवर्धा ने पूरे प्रदेश में कांस्य पदक अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।
विकसित भारत के लिए समावेशी दृष्टिकोण जरूरी – विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का ‘विकसित भारत’ विजन केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता जैसे मानवीय सूचकांकों में सुधार के लिए हर वर्ग, क्षेत्र और समुदाय की भागीदारी अनिवार्य है।”
उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से आवास, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं सुदूर वनवासी इलाकों तक पहुंचाई जा रही हैं।
स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बड़ा मंच
विजय शर्मा ने स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि इन्हें ऑनलाइन बिक्री मंचों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने आदेश दिया कि रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख बाजारों में इन उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित की जाए।
“महतारी सदन” के निर्माण और 6,000 पंचायतों में डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना की योजना की भी जानकारी दी गई, जिससे महिला समूहों को ग्राम पंचायत स्तर पर भुगतान और कार्य की सुविधा मिल सके।
‘महतारी के गोठ’ कार्यक्रम जल्द होगा शुरू
विजय शर्मा ने घोषणा की कि 31 अगस्त से ‘महतारी के गोठ’ नामक मासिक कार्यक्रम शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश और महिला स्व-सहायता समूहों की सफलता कहानियां साझा की जाएंगी। यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को PM मोदी के ‘मन की बात’ के बाद प्रसारित किया जाएगा।
बोड़ला विकासखंड बना रोल मॉडल
बोड़ला विकासखंड को आकांक्षी योजना के तहत विशेष दर्जा मिला है। केंद्र सरकार की योजनाओं से यहां समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ग्रामीण प्रतिभा, उत्पाद और संस्कृति की जीवंत प्रदर्शनी
मेले में ग्रामीण क्षेत्रों के हस्तनिर्मित वस्त्र, हस्तशिल्प, जैविक खाद्य, छत्तीसगढ़ी व्यंजन और कृषि उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शनी की जा रही है। बच्चों के लिए मीना बाजार, खेल गतिविधियां और लोक कला की झलक ने मेले को एक सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया।
विभागीय स्टॉल्स से जागरूकता
कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास जैसे विभागों के स्टॉल आम जनता को शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं, पात्रता जांच और मार्गदर्शन भी वहीं हो रहा है।
उपस्थित गण:
इस आयोजन में विधायक भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, व अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारीगणों ने सहभागिता की।
निष्कर्ष:
आकांक्षा हाट मेला न सिर्फ एक बाज़ार है, बल्कि गांव, समूह, शासन और जन-भागीदारी के एक सशक्त मंच का प्रतीक बन गया है, जो छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की राह पर आगे ले जा रहा है।
