
दुर्ग न्यूज धमाका – ऑनलाइन गेमिंग एप के ज़रिए कमाए गए काले धन को छुपाने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल करने वाले फरार आरोपी गोविंदा चौहान को सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने “रोजनामचा” और “खबर छत्तीसगढ़” नामक वेब पोर्टल की आड़ में यह फर्जीवाड़ा किया था।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी धीरज महतो ने सुपेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी गोविंदा चौहान और रविकांत मिश्रा ने उसे और मुकेश ताण्डी को लालच देकर बैंक खाता खुलवाया और अपने मोबाइल नंबर इन खातों से लिंक करवा लिए। इन खातों का प्रयोग ऑनलाइन सट्टा से कमाए गए पैसों के लेनदेन के लिए किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोग वेब पोर्टल संचालन की आड़ में अवैध सट्टा कारोबार चला रहे थे। इस काले धन को सफेद दिखाने के लिए कई व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग किया गया, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है।
पुलिस कार्रवाई
- पहले ही रविकांत मिश्रा को सुपेला पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी
- अब फरार आरोपी गोविंदा चौहान को दबोचा गया
- आरोपी के पास से 1.80 लाख रुपये की हुंडई वेरना कार (CG 07 CQ 7205) जब्त
- अवैध संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया शुरू
कानूनी धाराएं और केस विवरण:
- अपराध क्रमांक: 1026/24
- धाराएं: 318(4), 319(2), 61(2), 111 बीएनएस
- केस की तफ्तीश में पुलिस को कई म्यूल खातों और संदिग्ध लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं
- चल-अचल संपत्ति की निगरानी और जब्ती की प्रक्रिया तेज़
क्या कहते हैं अधिकारी?
पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल इस फर्जीवाड़े में हुआ। जांच जारी है और डिजिटल फॉरेंसिक टीम भी इसमें शामिल की गई है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे अपराधी दूसरों के नाम पर खुलवाते हैं, ताकि अपने अवैध लेनदेन को छिपाया जा सके। यह साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी में आम तौर पर इस्तेमाल होता है।



