
मरवाही न्यूज धमाका – कोटमी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पथर्रा बस स्टैंड पर पुलिस ने गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल चार आरोपियों को रंगे हाथों गांजा बेचते हुए गिरफ्तार किया है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कोटमी पुलिस ने एक किराना दुकान की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार पर छापा मारा। गिरफ्तार आरोपियों में सीमा गुप्ता, उसकी बेटी रेणु गुप्ता, बेटा हिमांशु गुप्ता और उनका सहयोगी अथर गिरी उर्फ अजय शामिल हैं। पुलिस ने मौके से 8 किलो 470 ग्राम गांजा, ₹60,000 नगद, तीन मोबाइल फोन समेत ₹1,68,890 की अवैध संपत्ति जब्त की है।
मुख्य आरोपी रही है गंभीर अपराधों में शामिल
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सीमा गुप्ता पिछले 10 वर्षों से अवैध रूप से गांव में निवास कर रही थी और पूर्व में उस पर अवैध शराब तस्करी, हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पेंड्रा थाने में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत भी प्रकरण लंबित है।
ग्रामीणों में लंबे समय से फैला था भय का माहौल
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सीमा गुप्ता और उसके परिवार द्वारा गांव में अवैध गतिविधियों को लंबे समय से अंजाम दिया जा रहा था, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अस्थिरता का माहौल बना हुआ था। गांजा से अर्जित धन से परिवार ने पक्का मकान और महंगी मोटरसाइकिल भी खरीदी है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गांजा आपूर्ति में सीमा गुप्ता का बड़ा बेटा अविनाश गुप्ता उर्फ शानू, छोटा बेटा हिमांशु, भांजा अथर गिरी और सहयोगी महेंद्र गिरी उर्फ मधुर नियमित रूप से शामिल थे। अविनाश और महेंद्र फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस ने आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, सप्लाई नेटवर्क और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का संदेश:
“अवैध नशा कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज़ किया जाएगा। समाज में भय का माहौल नहीं बनने देंगे।”
