
सुकमा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए सुकमा स्थित कांग्रेस भवन, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी का मकान और रायपुर स्थित लखमा का निजी मकान अटैच कर लिया है।
क्या है मामला?
- शराब घोटाले में चल रही जांच के दौरान, ईडी को यह जानकारी मिली कि सुकमा कांग्रेस भवन का निर्माण अवैध धन से किया गया।
- लखमा के बेटे हरीश कवासी की सुकमा स्थित प्रॉपर्टी भी इसी घोटाले की राशि से खरीदी गई बताई गई है।
- रायपुर में लखमा के नाम एक और घर को भी अटैच किया गया है।
ED का आरोप और चालान के मुख्य बिंदु:
- ईडी ने इस मामले में 3773 पन्नों का विस्तृत चालान दाखिल किया है।
- चालान में कहा गया है कि लखमा इस घोटाले में सिंडिकेट के प्रमुख थे।
- उन्हें हर महीने ₹2 करोड़ रुपए रिश्वत स्वरूप मिलते थे।
- लखमा ने शराब नीति बदलवाने में भी भूमिका निभाई और सिंडिकेट को पूर्ण सहयोग दिया।
- निरीक्षण से पहले उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने की परंपरा भी उन्हीं के समय में शुरू हुई थी।
राजनीतिक हलकों में हलचल
यह भारत में संभवतः पहला मामला है जब किसी राजनीतिक दल का कार्यालय (कांग्रेस भवन) ईडी द्वारा अटैच किया गया है।
यह कार्रवाई राजनीतिक हलकों में हलचल मचाने वाली है और इसका असर 2025 के अंत तक होने वाले पंचायत और निकाय चुनावों पर भी पड़ सकता है।
पृष्ठभूमि:
- 20 मई को EOW और ACB ने प्रदेशभर में छापेमारी की थी।
- जांच में खुलासा हुआ था कि अवैध रूप से अर्जित धनराशि को संपत्तियों और व्यवसायों में निवेश किया गया।
