
कोरबा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दादर नाला क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. कलीम रिजवी (45) की हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी फिरदोस रिजवी (39) गंभीर रूप से झुलस गईं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल के ICU में भर्ती किया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
हादसा उस वक्त हुआ जब डॉक्टर दंपति अपने दो मंजिला मकान की छत पर सफाई कर रहे थे। इस दौरान डॉ. रिजवी लोहे की रॉड को उठाकर किनारे करने का प्रयास कर रहे थे, तभी वह रॉड ऊपर से गुज़र रही 11 केवी हाई वोल्टेज लाइन से छू गई। बिजली का जबरदस्त झटका लगते ही डॉ. रिजवी मौके पर ही गिर पड़े। उन्हें बचाने दौड़ीं पत्नी फिरदोस भी करंट की चपेट में आ गईं।
परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने डॉ. रिजवी को मृत घोषित कर दिया। पत्नी का इलाज जारी है और स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश: पहले ही दी थी सूचना
घटना के बाद मोहल्ले में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाई वोल्टेज लाइन की खतरनाक निकटता को लेकर बिजली विभाग को पूर्व में सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया।
सेवाभावी और मिलनसार थे डॉ. रिजवी
डॉ. कलीम रिजवी एक प्राइवेट क्लीनिक चलाते थे और वर्षों से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे थे। वे एक समाजसेवी, सरल स्वभाव के डॉक्टर के रूप में जाने जाते थे। उनके दो बच्चे – एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार और क्षेत्र में गहरा शोक है।
जांच जारी, बिजली विभाग पर उठे सवाल
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और जांच शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी दाऊद कुजुर ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में बिछी हाई वोल्टेज लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या सीखेगा बिजली विभाग?
अब देखना यह है कि बिजली विभाग इस हादसे से सीखेगा, या फिर हमेशा की तरह कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाएगा। सवाल यह है कि कब तक जानें जाती रहेंगी, और कब जिम्मेदार विभाग सजग और उत्तरदायी बनेगा।



