
रायपुर न्यूज धमाका – रायपुर नगर निगम द्वारा 30 जून 2025 तक संपत्ति कर जमा करने पर दी जा रही 6.25 प्रतिशत छूट की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक रह गए हैं जो किसी न किसी कारणवश इस छूट का लाभ नहीं उठा पाए। अब ये नागरिक नगर निगम से तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि वे भी इस रियायत का लाभ उठा सकें।
जनता की परेशानी, प्रशासन से उम्मीद
अमृत पाल, जो संपत्ति कर जमा नहीं कर सके, कहते हैं:
“इस योजना की जानकारी मुझे देर से मिली। जब पता चला, तब तक अंतिम तारीख निकल चुकी थी। अब समझ नहीं आ रहा क्या करूं। अगर तारीख बढ़ जाए तो बड़ी राहत मिलेगी।”
मुध जैन, जो छूट की अवधि में विदेश यात्रा पर थीं, बताती हैं:
“हमारी तरह कई लोग ऐसे होंगे जो देश से बाहर थे या किसी जरूरी कारण से टैक्स नहीं भर सके। अगर निगम थोड़ा और वक्त दे दे, तो सभी को लाभ होगा और राजस्व भी बढ़ेगा।”
राकेश रुंगटा, एक नियमित करदाता, का मानना है कि प्रचार-प्रसार में कमी रही:
“मैं हर साल हजारों का टैक्स देता हूं, लेकिन इस बार छूट की जानकारी ही समय पर नहीं मिली। अगर निगम शहर में होर्डिंग्स या प्रचार करता, तो सैकड़ों लोगों को फायदा होता।”
प्रशासन क्या कहता है?
नगर निगम सूत्रों का कहना है कि करदाताओं की प्रतिक्रिया पर विचार किया जा रहा है। यदि उचित समझा गया तो छूट की अवधि में कुछ दिनों की वृद्धि संभव है। हालांकि, इस पर आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है।
छूट की योजना ने दिखाया असर
इस योजना से बड़ी संख्या में लोगों ने समय पर कर जमा किया, जिससे राजस्व संग्रहण में सकारात्मक वृद्धि देखी गई। अब निगम के सामने दोहरी चुनौती है —
- वंचित नागरिकों को राहत देना
- राजस्व में लगातार बढ़ोतरी बनाए रखना
निष्कर्ष
संपत्ति कर छूट को लेकर नागरिकों में जागरूकता की कमी, तकनीकी सीमाएं और व्यक्तिगत परिस्थितियाँ सामने आ रही हैं। ऐसे में रायपुर नगर निगम अगर छूट की समयसीमा बढ़ाता है तो यह एक जनहितकारी निर्णय साबित हो सकता है, जिससे राजस्व भी बढ़ेगा और करदाताओं का भरोसा भी।



