
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025-26 के लिए घोषित विद्युत टैरिफ में केवल 1.89% की मामूली वृद्धि की गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, जिसका किसानों पर कोई सीधा आर्थिक असर नहीं होगा क्योंकि यह अतिरिक्त राशि राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से ही अग्रिम भुगतान कर दी जाती है।
मुख्य बिंदु:
- घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मामूली वृद्धि – सिर्फ 10–20 पैसे प्रति यूनिट
- कृषि उपभोक्ताओं के लिए वृद्धि 50 पैसे प्रति यूनिट, जिसका भार सरकार वहन करेगी
- उद्योगों को राहत: स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती
- बिजली आपूर्ति:
- शहरी क्षेत्र: 23.85 घंटे/दिन
- ग्रामीण क्षेत्र: 23.45 घंटे/दिन
- कृषि फीडर: 18 घंटे/दिन, देश में सर्वोच्च
- AT&C Loss (तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि) में भारी कमी – 2020-21 में 23.14% से घटकर 2024-25 में 13.79%
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश और विकास योजनाएं:
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान टैरिफ नीति में कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान को शामिल किया गया है:
- ट्रांसमिशन कंपनी – ₹2433 करोड़
- डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी – ₹3977 करोड़
- जनरेशन कंपनी – ₹2992 करोड़
- कोरबा में 1320 मेगावाट का नया प्लांट, लागत ₹15,800 करोड़
इसके अलावा राज्य सरकार ने केंद्र की “प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना” के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी देने का ऐलान किया है:
- 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र से
- अतिरिक्त 2 किलोवाट तक पर ₹30,000 तक राज्य से
ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक MoU:
राज्य सरकार और पॉवर कंपनियों ने 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए हैं, जिससे आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनाने और रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद जताई गई है।
मुख्यमंत्री का संदेश:
“हमारी प्राथमिकता यह है कि उपभोक्ताओं को बिजली सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सतत रूप से उपलब्ध हो। यह टैरिफ सुधार जनहित में लिया गया पारदर्शी निर्णय है।”



