
बिलासपुर न्यूज धमाका – जिले के रिसदा धान खरीदी केंद्र में 54.67 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है। इस आर्थिक अनियमितता को लेकर केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार करियारे और कंप्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मस्तूरी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जांच में हुआ खुलासा:
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान जिला सहकारी बैंक द्वारा की गई जांच में रिसदा केंद्र में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई।
ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में कुल 40879.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, लेकिन भौतिक सत्यापन में 1763 क्विंटल धान का अभाव पाया गया।
इस शॉर्टेज का मूल्यांकन करने पर सामने आया कि लगभग ₹54.67 लाख का आर्थिक नुकसान हुआ है।
FIR दर्ज, जल्द होगी गिरफ्तारी
गड़बड़ी की पुष्टि के बाद जिला सहकारी बैंक मैनेजर ने मस्तूरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया और आगे की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र की जाएगी और गबन की रकम की वसूली के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
धाराएं और कानूनी कार्रवाई
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, IPC की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है, जिसमें आपराधिक विश्वासभंग, धोखाधड़ी और सरकारी धन का दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल हैं।
सवालों के घेरे में प्रणाली
यह मामला छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और कृषि उपज प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। अब प्रशासन पर यह दबाव है कि अन्य केंद्रों की भी गहन जांच कर यह सुनिश्चित करें कि कहीं और भी ऐसी गड़बड़ियां तो नहीं हो रही हैं।
प्रशासन का रुख सख्त
बिलासपुर जिला प्रशासन और सहकारी बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



