
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के चर्चित तेंदूपत्ता बोनस घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2021-22 में लगभग 7 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है, जिसमें तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली बोनस राशि में भारी वित्तीय अनियमितता पाई गई।
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में सामने आया है कि तत्कालीन वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार पटेल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, वन विभाग के अन्य अधिकारियों, प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों व पोषक अधिकारियों के साथ मिलकर संग्राहकों को मिलने वाले बोनस की राशि का बड़ा हिस्सा हड़प लिया।
✔️ फर्जी दस्तावेज,
✔️ बोगस हस्ताक्षर,
✔️ मनगढ़ंत भुगतान आदेश,
✔️ झूठी संग्राहक सूची जैसे तरीके अपनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
कानूनी कार्रवाई
EOW ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (विश्वासघात) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी 11 आरोपियों को 26 जून को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 30 जून 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- पोड़ियामी इशिमा
- आयूब कोरसा
- चैतूराम बघेल
- मनीष बर्से
- देवनाथ भारद्वाज
- सी.एच. रमन
- सुनील उप्पो
- रवि कुमार
- मो. शरीफ
- मनोज कावासी
- सत्यनारायण
आगे की जांच
EOW अब इन आरोपियों से वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, और दस्तावेज़ी सबूतों के आधार पर विस्तृत पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद और भी अधिकारियों या निजी व्यक्तियों की संलिप्तता उजागर हो सकती है।
विशेष टिप्पणी
तेंदूपत्ता संग्राहकों की बोनस राशि में हुई यह अनियमितता न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि गरीब श्रमिकों के अधिकारों का खुला हनन भी है। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


