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भारतमाला परियोजना घोटाला: 6 अफसर फरार, कोर्ट ने जारी किया हाजिर होने का आदेश

रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत सामने आए हाई-प्रोफाइल घोटाले में फंसे 6 सरकारी अधिकारी अब भी फरार चल रहे हैं। आरोपियों में एक एसडीएम, एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और तीन पटवारी शामिल हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की लगातार कोशिशों के बावजूद किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।


कोर्ट का सख्त रुख: 29 जुलाई को पेश होने का आदेश

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए रायपुर स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय के न्यायाधीश नीरज शर्मा ने 29 जुलाई 2025 को सभी आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित होने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। इससे पूर्व न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट भी “आरोपी नहीं मिले” कहकर पुलिस द्वारा लौटाए गए थे।


फरार आरोपी अफसरों के नाम:

  1. निर्भय कुमार साहू – तत्कालीन एसडीएम, वर्तमान में निलंबित
  2. शशिकांत कुर्रे – तहसीलदार
  3. लखेश्वर किरण – नायब तहसीलदार
  4. जितेंद्र साहू – पटवारी
  5. बसंती धृतलहरे – पटवारी
  6. लेखराम देवांगन – पटवारी

क्या है पूरा मामला?

भारतमाला परियोजना के तहत विशाखापट्टनम से रायपुर तक सड़क कॉरिडोर निर्माण हेतु अधिग्रहण की गई ज़मीन के मुआवजे में भारी धांधली का खुलासा हुआ है। एसडीएम निर्भय कुमार साहू और अन्य राजस्व अधिकारियों ने भूमाफियाओं से मिलकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मुआवजे की राशि कई गुना बढ़ाकर मंजूर कराई। इससे सरकार को लगभग ₹600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।


मार्च में हुए थे निलंबित

मार्च 2025 में मामले के संज्ञान में आते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। उस समय निर्भय कुमार साहू जगदलपुर नगर निगम आयुक्त के पद पर पदस्थ थे।


EOW और ACB की जांच जारी

मामले की जांच EOW और ACB द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। पूछताछ के लिए कई बार समन भेजे गए, लेकिन सभी आरोपी पूछताछ से बचते रहे। अब तक की कार्रवाई में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।


न्यायिक चेतावनी का आखिरी मौका

“अगर 29 जुलाई तक आरोपी अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो कोर्ट द्वारा फरारी घोषित करने और कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।”


विशेष टिप्पणी:

यह मामला छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और भूमि घोटालों की जड़ तक पहुंचने का प्रयास है। अगर आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते, तो यह राज्य की विधि व्यवस्था और न्याय प्रणाली की चुनौती बन सकता है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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