देशअन्तर्राष्ट्रीय न्यूज धमाका

दिल्ली के साथ ही कर्नाटक और महाराष्ट्र्, इन राज्यों में कोरोना केस बढ़ रहे,चौथी लहर की आशंका बनी हुई 

देश,न्यूज़ धमाका:-भारत में कोरोना की चौथी लहर की आशंका बनी हुई है। दिल्ली के साथ ही कर्नाटक और महाराष्ट्र्, उन राज्यों में शामिल हैं जहां केस बढ़ रहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनता से अपील की है कि यदि वे लॉकडाउन जैसी पाबंदियों से बचना चाहते हैं तो नियमों को पालन जरूर करें।

कोरोना केस में कमी आने के बाद लोगों ने मास्क लगाना बंद कर दिया है। सरकारों ने भी इस पर सख्ती खत्म कर दी, लेकिन अब फिर केस बढ़ने लगे हैं। चीन समेत कुछ अन्य देशों में केस फिर से बढ़ने लगे हैं। चीन मे तो सख्त लॉकडाउन लगाना पड़ा है। ऐसे में भारत में भी लोगों से अपील की जा रही है कि वे मास्क लगाने और समय-समय पर हाथ साफ करने की आदत शुरू कर दें।

क्या कर्नाटक में हो चुकी चौथी लहर की शुरुआत?

समाचार एजेंसी आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि कर्नाटक में 9 अप्रैल के बाद कोविड के मामलों की संख्या में मामूली वृद्धि देखी गई है, लेकिन इसे महामारी की ‘चौथी लहर’ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने हुबली में मीडियाकर्मियों से कहा, ‘मामलों में वृद्धि की निगरानी की जा रही है और एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।’

शंघाई जैसी स्थिति टालने के लिए बीजिंग में कोरोना जांच तेज

कोरोना के कारण बीजिंग में गुरुवार को कुछ स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को बंद कर दिया गया। चीन की राजधानी के दो करोड़ से ज्यादा लोग व्यापक स्तर पर कोरोना जांच के लिए आगे आए हैं ताकि वित्तीय केंद्र शंघाई के लाकडाउन जैसी स्थिति से बचा जा सके।

शंघाई में अधिकांश लोग एक महीने से होम आइसोलेशन में हैं और रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बात की आशंका बढ़ रही है कि आने वाले महीनों में कुछ स्थानों पर लाकडाउन खत्म कर दिया जाएगा जबकि दूसरे स्थानों पर इसे लागू किया जा सकता है। बीजिंग ने इस सप्ताह शहर के अधिकांश हिस्से में तीन चरणों में सामूहिक जांच कराने की घोषणा कर रखी है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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