
बलौदाबाजार न्यूज धमाका – सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत मिले शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्यवाही करते हुए एक ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक को निलंबित किया गया है, वहीं तीन अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को चेतावनी नोटिस जारी किया गया है। यह कार्यवाही जिला प्रशासन की जन सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाती है।
कौन-कौन आया शिकंजे में?
निलंबित: उपेंद्र साहू (पुरुष ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक)
- केंद्र: उपस्वास्थ्य केंद्र, हरिनभट्टा (विकासखंड पलारी)
- शिकायतें:
- ड्यूटी में अनुपस्थित रहना
- शासकीय कार्य में रुचि की कमी
- जांच: शिकायतें सही पाई गईं
- नतीजा: तत्काल प्रभाव से निलंबन, मुख्यालय – खंड चिकित्सा कार्यालय कसडोल
नोटिस जारी: तीन स्वास्थ्य कर्मी
- सुषमा चंद्राकर (महिला स्वास्थ्य संयोजक)
- स्थान: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोहांसी
- शिकायत: मरीजों से दुर्व्यवहार, कार्य में लापरवाही
- परदेशी वर्मा (पुरुष स्वास्थ्य संयोजक)
- स्थान: पलारी क्षेत्र
- शिकायत: अवैध रूप से निजी क्लीनिक का संचालन
- तेजेश्वरी साहू (महिला स्वास्थ्य संयोजक) एवं हीना वर्मा (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी)
- स्थान: आयुष्मान आरोग्य मंदिर, धनेली (भाटापारा)
- शिकायतें:
- अनुचित व्यवहार
- दवा वितरण में लापरवाही
प्रशासन का संदेश – “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी ने इन मामलों में तुरंत कार्रवाई की। चेतावनी पत्र जारी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“भविष्य में अनुशासनहीनता या मरीजों के साथ दुर्व्यवहार जैसी कोई भी शिकायत आई, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
सुशासन तिहार: शिकायत से समाधान तक
सुशासन तिहार एक प्रशासनिक अभियान है जिसमें जनता सीधे अपनी शिकायतें और अनुभव साझा करती है। बलौदाबाजार जिले में मिले ये मामले बताते हैं कि शासन अब मैदानी स्तर पर जवाबदेही तय करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
निष्कर्ष
यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासनिक सक्रियता का प्रतीक है, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही अब नहीं चलेगी। सुशासन तिहार के जरिए सरकार जनसेवा के वास्तविक मानकों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रही है।



